नई दिल्ली । देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अब खुद को केवल सोशल मीडिया अभियान तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी से जुड़े लोगों ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में इसे युवाओं के बड़े जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। इंस्टाग्राम पर करोड़ों युवाओं को जोड़ने वाली इस मुहिम ने हाल ही में अपना रोडमैप जारी करते हुए कहा कि यह केवल शुरुआत है और आगे देशभर में कई स्तरों पर अभियान चलाए जाएंगे। हालांकि इस अभियान को लेकर विवाद भी लगातार बढ़ता जा रहा है। पार्टी की वेबसाइट पर कार्रवाई होने और सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर किए जाने के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
सोशल मीडिया पर जारी एक लंबे संदेश में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने खुद की तुलना उन जीवों से की जो कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहते हैं। पोस्ट में कहा गया कि देश का युवा वर्ग भी आज संघर्ष, बेरोजगारी और असुरक्षा जैसी परिस्थितियों से जूझ रहा है, लेकिन वह हार नहीं मानेगा। पार्टी ने दावा किया कि उसकी विचारधारा भारतीय संविधान से प्रेरित है और वह लोकतंत्र, सामाजिक न्याय तथा धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए संघर्ष करेगी। संगठन ने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, भगत सिंह और नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे नेताओं का उल्लेख करते हुए युवाओं से देश में बदलाव के लिए सुझाव भी मांगे हैं। पार्टी का कहना है कि बेरोजगारी, पेपर लीक, पर्यावरण और संस्थागत पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर जल्द बड़े अभियान शुरू किए जाएंगे।
इस बीच अभियान शुरू करने वाले अभिजीत दिपके को लगातार धमकियां मिलने की बात भी सामने आई है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित उनके घर के बाहर सुरक्षा के तौर पर पुलिस तैनात की गई है। अभिजीत फिलहाल अमेरिका के बोस्टन में हैं, जबकि उनके परिवार ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि न्यायालय की टिप्पणियों का उपयोग प्रचार के लिए किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर यह मुहिम तेजी से फैल गई।
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