खूंटी की सिसिलिया सांडी पूर्ति ने प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब किया अपने नाम
खूंटी । खूंटी जिला हॉकी के क्षेत्र में देश की आजादी से पूर्व ही अपना नाम रोशन करता रहा है। मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की कप्तानी में राष्ट्रीय खेल हॉकी में भारत ने 1928 में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। उसके बाद लगातार राष्ट्रीय और ओलंपिक खिलाड़ी खूंटी से आगे बढ़ते गए। बीच के दशक में सूखा पड़ा लेकिन अब महिला हॉकी खिलाडिय़ों ने राष्ट्रीय हॉकी टीम में अपनी जगह बनाने की राह आसान बना ली है। ओलंपिक खिलाड़ी निक्की प्रधान, सलीमा टेटे को देखकर अब अन्य खिलाड़ी भी महिला वर्ग के जूनियर टीम में अपनी जगह बना चुके है।
इसी कड़ी में खूंटी के यू एम किड्स गार्डन से हॉकी का ककहरा सीखने वाली दो बेटियों ने हाल में दक्षिण भारत के काकीनाडा में आयोजित 15 वीं हॉकी जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक प्राप्त कर खूंटी समेत झारखंड का नाम रोशन किया है। काकीनाडा में आयोजित 15 वीं हॉकी जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में कुल 30 टीमें शामिल थीं। इस टीम में खूंटी की दो बेटियां सलोमी नाग और सिसिलिया सांडी पूर्ति शामिल हैं। टीम में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सिसिलिया सांडी पूर्ति ने प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी अपने नाम किया।
दोनों खिलाड़ी बेटियों ने दूरदर्शन से अपनी संघर्ष की कहानी भी साझा की।खूंटी के यू एम किड्स गार्डन विद्यालय में दोनों खिलाड़ी बेटियों को फूल माला, बुके, पौधा और शॉल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की निदेशक और पूर्व उत्पाद मंत्री गोपाल कृष्ण पातर भी पहुंचे थे और खिलाडिय़ों का विद्यालय प्रांगण में गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।


