रुपये के कमजोर होने से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की लागत बढ़ी
मुंबई । नए साल से टीवी की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है। रुपये के कमजोर होने से इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों की लागत बढ़ गई है। रुपए ने हाल ही में पहली बार डॉलर के मुकाबले 90 का स्तर पार किया है। टीवी के प्रमुख कंपोनेंट जैसे ओपन सेल, सेमीकंडक्टर चिप और मदरबोर्ड बड़े पैमाने पर आयात होते हैं। इसलिए रुपये की कमजोरी सीधे टीवी की कीमतों पर असर डाल रही है। दुनियाभर में मेमोरी चिप की कीमतें तेज़ी से बढ़ रही हैं। एआई सर्वर्स की बढ़ती मांग के कारण ड्रम और फ्लैश मेमोरी की आपूर्ति टीवी और पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए सीमित हो गई है। कंपनियां मुनाफे वाले एआई चिप्स पर फोकस कर रही हैं, जिससे सप्लाई और कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुसार एलईडी टीवी के दाम 3–4 फीसदी तक बढ़ सकते हैं। वहीं सुपर प्लास्ट्रोनिक्स प्राइवेट लिमिटेड के अनुसार कुछ ब्रांड्स में 7–10 फीसदी तक की बढ़ोतरी संभव है। यदि टीवी की कीमत 50,000 रुपये है, तो यह बढ़ोतरी 1,500 से 5,000 रुपये तक हो सकती है। हाल ही में सरकार ने 32 इंच और उससे बड़े टीवी पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया था, जिससे कीमतों में औसतन 4,500 रुपये की राहत मिली। लेकिन बढ़ती लागत और सप्लाई संकट के कारण यह राहत उपभोक्ताओं तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाएगी।


