नैनीताल । नैनीताल घूमने आई एक युवती को टैक्सी चालक ने अगवा कर दुष्कर्म का प्रयास किया। आरोपी की दरिंदगी और नशे की हालत को देखकर युवती ने अदम्य साहस का परिचय दिया और उसके चंगुल से छूटकर नंगे पैर ही घने जंगलों की ओर भाग निकली। खूंखार जानवरों के डर से कहीं बड़ा खौफ उस हैवान का था, जिससे बचने के लिए युवती ने पूरी रात एक कलवर्ट (पुलिया) के नीचे डरे-सहमे छिपे रहकर बिताई।
पीड़िता ने बताया कि वह प्रकृति प्रेमी है और अक्सर शांति की तलाश में एकांत स्थानों पर घूमना पसंद करती है। इसी चाहत में वह नैनीताल आई थी, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि जिस चालक पर वह भरोसा कर रही है, उसके इरादे इतने खौफनाक होंगे। युवती ने गुरुवार को हल्द्वानी निवासी दीपक बोरा की टैक्सी किराये पर ली थी। नैनीताल पहुंचने से करीब 12 किलोमीटर पहले ही आरोपी दीपक ने कार को पटवाडांगर मार्ग की ओर मोड़ दिया। जब युवती ने इसका विरोध किया, तो चालक ने कार की रफ्तार बढ़ा दी और करीब दो किलोमीटर अंदर ले जाकर युवती के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। आरोपी ने युवती का फोन भी छीन लिया ताकि वह किसी से मदद न मांग सके।
नशे में धुत आरोपी और युवती के बीच काफी देर तक हाथापाई हुई। इसी संघर्ष के दौरान युवती टैक्सी से उतरकर जान बचाने के लिए नंगे पैर ही जंगल की तरफ दौड़ पड़ी। आरोपी ने कुछ दूर तक उसका पीछा भी किया, लेकिन युवती सड़क किनारे बनी एक संकरी पुलिया के नीचे छिप गई। युवती ने बताया कि जंगल में हर आहट पर उसका दिल जोर-जोर से धड़कने लगता था, लेकिन उसने बाहर न निकलने का फैसला किया। ठंड और खौफ के बीच उसने करीब 8 घंटे का समय उसी अंधेरे में संघर्ष करते हुए काटा। युवती ने भावुक होकर कहा, मुझे प्रकृति पर पूरा भरोसा था और शायद उसी ने मुझे अपनी गोद में छिपाकर उस हैवान से बचा लिया। शुक्रवार सुबह जब उजाला हुआ, तो युवती ने किसी तरह हिम्मत जुटाई और सड़क पर आकर मदद मांगी। वह बल्दियाखान क्षेत्र में एक स्थानीय महिला के पास पहुंची और आपबीती सुनाई। ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने युवती की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया और आरोपी टैक्सी चालक दीपक बोरा को गिरफ्तार कर लिया है। पहाड़ों की सादगी और शांति पर भरोसा करने वाली इस युवती के लिए यह घटना एक गहरा जख्म दे गई है।
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