पश्चिमी सिंहभूम । पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा मंदिर की मौसीबाड़ी में इन दिनों महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी, बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। मंगलवार को लगातार हो रही तेज बारिश, अंधेरी रात और प्रतिकूल मौसम भी भक्तों की आस्था के आगे फीके पड़ गए। हाथों में छाता लिए महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे घंटों तक लंबी कतारों में खड़े होकर अपने आराध्य के दर्शन का इंतजार करते रहे। श्रद्धालुओं के चेहरे पर न कोई थकान थी और न ही बारिश की चिंता, बल्कि महाप्रभु के दर्शन की उत्कट लालसा ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति बनी रही।
रथयात्रा के बाद परंपरा के अनुसार महाप्रभु आठ दिनों तक मौसीबाड़ी में विराजमान रहते हैं। इस दौरान प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के साथ महाप्रभु का महाप्रसाद ग्रहण करने पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से लेकर देर रात तक भजन-कीर्तन, आरती और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। मंगलवार की रात भी मूसलाधार वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। बारिश थमने का इंतजार करने के बजाय भक्त सीधे मंदिर पहुंचे और धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते हुए दर्शन किए। मौसीबाड़ी में प्रतिदिन मध्यान्ह भोग के साथ रात्रि में छप्पन भोग महाप्रसाद का वितरण किया जा रहा है। मंगलवार को रात्रि आठ बजे से दस बजे तक चले महाप्रसाद वितरण में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और महाप्रभु का प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
मंदिर के मुख्य पुजारी संजय मिश्रा ने बताया कि श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा पूजा कमेटी पिछले लगभग सौ वर्षों से इस दिव्य परंपरा का निर्वहन करती आ रही है। महाप्रभु की कृपा से प्रत्येक वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है और दूर-दराज से लोग मौसीबाड़ी पहुंचकर दर्शन एवं महाप्रसाद का लाभ प्राप्त करते हैं। कमेटी के कोषाध्यक्ष तरुण कुमार दरिपा ने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि तेज वर्षा, अंधेरी रात और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भक्तों का घंटों तक कतार में खड़े रहना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि महाप्रभु के प्रति उनकी श्रद्धा अटूट और अद्भुत है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि महाप्रभु की कृपा सदैव अपने भक्तों पर बनी रहे।
पूरे आयोजन को सफल बनाने में श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा पूजा कमेटी के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सदस्यों ने सेवा भाव से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और महाप्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई। बारिश के बीच भी मंदिर परिसर में उमड़ी भक्तों की भीड़ ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची आस्था के आगे मौसम की कोई बाधा मायने नहीं रखती।


