एनडीए से प्रशिक्षण लेकर पहुंचीं थीं आईएमए
सीधे परमानेंट कमीशन पाने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं
देहरादून । भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। पहली बार नौ महिला कैडेट्स ने पासिंग आउट परेड के बाद भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त किया। ये सभी कैडेट्स नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) से प्रशिक्षण प्राप्त कर आईएमए पहुंची थीं और अब सेना में अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देंगी।
इन महिला अधिकारियों की उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि वे भारतीय सेना में सीधे परमानेंट कमीशन प्राप्त करने वाली पहली महिला अधिकारी बनी हैं। इससे पहले महिलाओं की भर्ती मुख्यतः शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के माध्यम से होती थी, जिसके तहत निर्धारित अवधि तक सेवा देने के बाद ही परमानेंट कमीशन के लिए पात्रता मिलती थी। नई व्यवस्था महिलाओं को पुरुष अधिकारियों के समान करियर अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में शुक्रवार को 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की भव्य पासिंग आउट परेड आयोजित की गई थी। इसी अवसर पर राष्ट्रपति और भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रोपदी मुर्मू मुख्य अतिथि और रिव्यूइंग ऑफिसर के रूप में उपस्थित रहीं। परेड के दौरान राष्ट्रपति ने नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने देश की सुरक्षा और सेवा के प्रति समर्पण को सर्वोच्च आदर्श बताते हुए युवा अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठा, साहस और नेतृत्व की भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, एनडीए में महिलाओं के प्रवेश की शुरुआत के बाद यह उपलब्धि लैंगिक समानता और सैन्य क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण परिणाम है। नौ महिला अधिकारियों का यह पहला बैच भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करेगा तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। आईएमए की इस ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड ने न केवल भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और समावेशी दृष्टिकोण को रेखांकित किया, बल्कि यह भी साबित किया कि देश की बेटियां अब सेना के नेतृत्वकारी पदों तक पहुंचने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं।


