रांची । रांची के नामकुम स्थित एनएचएम सभागार में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग, झारखंड सरकार द्वारा आयोजित बंपर बहाली एवं नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में एक सशक्त और प्रेरक संदेश सामने आया। समारोह के दौरान हिजाब पहनकर नियुक्ति लेने पहुंची महिला डॉक्टर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पूरे सम्मान के साथ सलाम कर नियुक्ति पत्र सौंपा। यह क्षण नारी सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता और संविधान प्रदत्त अधिकारों का जीवंत प्रतीक बना।इस अवसर पर डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, आप झारखंड का भविष्य हैं। हमारी सरकार हर बेटी, हर धर्म और हर वर्ग का सम्मान करती है। यहां पहचान कपड़ों से नहीं, योग्यता से होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, यह बिहार नहीं, झारखंड है,यहां सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और भाईचारा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह आयोजन केवल नियुक्ति पत्र वितरण नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन की शुरुआत है। बीते 11 महीनों में झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं और आने वाले समय में यह प्रक्रिया और तेज होगी।स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने कहा कि अगले तीन वर्षों में सभी मेडिकल कॉलेज पूर्ण रूप से क्रियाशील होंगे।करीब 10 हजार और नियुक्तियां जल्द होंगी।नए वर्ष के पहले महीने में बंपर डॉक्टर बहाली निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि 7 अत्याधुनिक (हाईटेक) डायग्नोस्टिक लैब का निर्माण किया जाएगा।सभी मेडिकल कॉलेज एआई आधारित, रोबोटिक व स्मार्ट हेल्थ सिस्टम से जुड़ेंगे।सदर व रेफरल अस्पतालों का पूर्ण डिजिटलीकरण किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग व मंत्री आवास में सेंट्रल कमांड कंट्रोल सेंटर जुड़ा रहेगा।
राजधानी रांची में मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इससे राज्य में मेडिकल शिक्षा की दिशा बदलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच और जनहितकारी नीतियों के परिणामस्वरूप राज्य को यह बड़ी उपलब्धि मिलने जा रही है। झारखंड राज्य गठन के 25 वर्षों बाद अब जाकर मेडिकल यूनिवर्सिटी का सपना साकार होने जा रहा है, जिसे स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में निर्णायक कदम माना जा रहा है।।अब तक मेडिकल यूनिवर्सिटी के अभाव में राज्य के मेडिकल कॉलेजों को पंजीकरण, फैकल्टी नियुक्ति, परीक्षा संचालन और अकादमिक नियंत्रण में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। यूनिवर्सिटी के गठन के बाद ये सभी व्यवस्थाएं राज्य की अपनी मेडिकल यूनिवर्सिटी के माध्यम से संचालित होंगी, जिससे मेडिकल कॉलेजों का संचालन सुचारू होगा और बड़े पैमाने पर डॉक्टरों की बहाली संभव हो सकेगी। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि झारखंड मेडिकल यूनिवर्सिटी बोर्ड का गठन हो चुका है। अस्थायी संचालन के लिए रांची के ब्रांबे स्थित पंचायती राज विभाग द्वारा निर्मित पूर्व सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड परिसर का चयन किया गया है। निरीक्षण के बाद इस परिसर को यूनिवर्सिटी संचालन के लिए उपयुक्त पाया गया है। अगले 6–7 महीनों के भीतर मेडिकल यूनिवर्सिटी का संचालन शुरू करने की तैयारी है। डॉ. अंसारी ने कहा कि यह झारखंड गठन के बाद स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा कदम है। मेडिकल यूनिवर्सिटी के शुरू होने से नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य मेडिकल कोर्स भी प्रारंभ किए जाएंगे, जिससे छात्रों को पढ़ाई के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में राज्य में 10 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनकी संख्या आने वाले समय में बढ़कर 20 तक हो सकती है। इन सभी कॉलेजों का शैक्षणिक और प्रशासनिक नियंत्रण मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधीन होगा। साथ ही परीक्षा संचालन, शोध, प्रशिक्षण और प्रश्नपत्र निर्माण जैसे कार्य भी इसी के अंतर्गत किए जाएंगे।
जनवरी में मुख्यमंत्री मेडिकल यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखेंगे
जनवरी के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा मेडिकल यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखे जाने की संभावना है। माना जा रहा है कि यह पहल झारखंड को स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।


