◆सिंडिकेट गठन को लेकर 24 घंटे में दूसरी अधिसूचना,नई अधिसूचना में पूर्व की सभी अधिसूचनाएं निरस्त
विशेष संवाददाता
दुमका। सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय में नये झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के तहत गठित सिंडिकेट को लेकर विश्वविद्यालय ने 24 घंटे के भीतर दूसरी अधिसूचना जारी की है। विश्वविद्यालय ने 30 सितंबर को अधिसूचना संख्या 133/26 जारी कर सिंडिकेट गठन किया था। अगले ही दिन एक अक्टूबर को अधिसूचना संख्या 134/26 जारी कर सिंडिकेट का गठन फिर अधिसूचित किया गया है।नई अधिसूचना में खास तौर पर कहा गया है कि इस संबंध में पहले जारी सभी अधिसूचनाएं निरस्त मानी जाएंगी। इस प्रावधान के कारण एक अक्टूबर को जारी अधिसूचना संख्या 134/26 अब सिंडिकेट गठन से संबंधित प्रभावी अधिसूचना मानी जा रही है। सिंडिकेट गठन को लेकर लगातार दो दिन अधिसूचना जारी होने से विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है। खासकर इसलिए कि एक अक्टूबर की अधिसूचना में पूर्व में जारी सभी अधिसूचनाओं को निरस्त करने की बात स्पष्ट रूप से कही गई है। हालांकि 134/26 में यह नहीं बताया गया है कि 30 सितंबर की अधिसूचना संख्या 133/26 में ऐसी क्या त्रुटि या कमी थी, जिसके कारण अगले ही दिन उसे बदलना पड़ा। इस बावत विश्वविद्यालय का कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।हालांकि दोनों अधिसूचनाओं में नामित पदाधिकारियों और सदस्यों के नामों में कोई बदलाव नहीं है।
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चांसलर द्वारा पहले से नामित शिक्षाविद् अब नहीं रहे सिंडिकेट सदस्य
दुमका। 30 सितंबर को जारी अधिसूचना संख्या 133/26 में जहां एक प्रख्यात शिक्षाविद् को चांसलर द्वारा नामित लिखा गया था वहीं एक अक्टूबर को जारी अधिसूचना संख्या 134/26 में कहा गया कि चांसलर द्वारा नामित किए जाने वाले(टू बि नॉमिनेटेड) एक प्रख्यात शिक्षाविद्।सूत्रों के मुताबिक सिंडिकेट के लिए चांसलर द्वारा पहले से प्रख्यात शिक्षाविद के रूप में डॉ.एस.एन.सिंह को नामित थे।नई अधिसूचना के मुताबिक अब चांसलर द्वारा पहले से नामित शिक्षाविद सिंडिकेट के सदस्य नहीं रह गए हैं।पुरानी सभी अधिसूचना निरस्त कर दी गई है।


