नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने जेडी (यू) से निकाले गए विधायक अनंत सिंह को एक बड़ा झटका देते हुए दुलार चंद यादव हत्याकांड मामले में पटना उच्च न्यायालय से मिली जमानत को रद्द कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता बेंच ने अनंत सिंह को एक दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।
न्यायालय ने अनंत सिंह को मिली जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अनंत सिंह को अक्टूबर, 2025 में हुई इस हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन इस साल मार्च में पटना उच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी थी। उच्चतम न्यायालय ने ये आदेश मृतक के पोते नीरज कुमार की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। याचिका में पटना उच्च न्यायालय के 19 मार्च के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत सिंह को जमानत दी गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उन्हें राहत देते समय उच्च न्यायालय की ओर से उचित रूप से विचार नहीं किया गया था।
यह मामला 30 अक्टूबर, 2025 को मोकामा में बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान 75 वर्षीय दुलार चंद यादव की हत्या से जुड़ा है। दुलार चंद यादव आरजेडी के पूर्व नेता थे और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी का समर्थन कर रहे थे, तभी प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच हिंसा भड़क गई थी।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


