नई दिल्ली । स्टाफ सेलेक्शन कमीशन यानी एसएससी की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक दिया है, इसमें कैंडिडेट को एसएससी की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए आयु में छूट दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से एसएससी की परीक्षा की तैयारी करने वाले हजारों की तादाद में अभ्यर्थी प्रभावित होने है। सुप्रीम कोर्ट ने 2016 की एसएससी परीक्षा से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के उस आदेश को रोक दिया है, जिसमें बेदाग लेकिन गैर-चयनित अभ्यर्थियों को चल रही एसएससी परीक्षाओं में आयु-छूट देने का निर्देश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने साफ किया कि उसके मूल फैसले का उद्देश्य सभी बेदाग लेकिन चयन से वंचित अभ्यर्थियों के लिए नई परीक्षा या आयु-सीमा में छूट का रास्ता खोलना नहीं था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह राहत केवल उन अभ्यर्थियों तक सीमित थी, जो बेदाग होने के साथ-साथ चयनित भी थे, लेकिन बाद में विवाद या अनियमितताओं के चलते प्रभावित हुए थे। अदालत के अनुसार, हाईकोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा वेटिंग लिस्ट में शामिल इसतरह के अभ्यर्थियों को भी आयु में छूट देने का निर्देश देना उसके पूर्व आदेश की मंशा के विपरीत था। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट का आदेश उसके निर्णय के दायरे का अनुचित विस्तार करता है, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता था। इससे न केवल भर्ती प्रक्रिया पर असर पड़ सकता था, बल्कि प्रशासनिक जटिलताएं भी बढ़ सकती थीं। इस पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर तत्काल रोक लगाकर कहा कि अंतिम फैसला आने तक इस पर कोई अमल नहीं होगा। अदालत के इस फैसले से एसएससी की चल रही परीक्षाओं में आयु छूट को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है और भर्ती प्रक्रिया को लेकर असमंजस भी दूर हुआ है।


