● आंबेडकर चौक जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
● न्याय की मांग, आरोपियों की जल्द हो गिरफ्तारी
● दो जिलों के एसडीपीओ जांच टीम में शामिल
ब्यूरो
दुमका। उपराजधानी दुमका के काठीकुंड में 14 वर्षीय आदिवासी किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की जघन्य घटना से आक्रोशित झारखंड छात्र सभा ने सोमवार को उग्र प्रदर्शन किया। एसपी कॉलेज से निकाली गई रैली आंबेडकर चौक पहुंची, जहां छात्रों ने सड़क जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस जाम से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन कर रहे छात्र दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
इधर, पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। संताल परगना प्रक्षेत्र के डीआइजी अम्बर लकड़ा के आदेश पर मामले का उद्भेदन करने के लिए दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार के नेतृत्व में 11 सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसआइटी में दुमका के एसडीपीओ दिलीप खलको और पाकुड़ जिले के महेशपुर अनुमंडल के एसडीपीओ विजय कुमार को शामिल किया गया है। विजय कुमार पूर्व में दुमका में डीएसपी मुख्यालय के पद पर रह चुके हैं, जिसके चलते उनके अनुभव को इस गंभीर मामले के अनुसंधान में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेष जांच दल में कई थाना प्रभारियों और निरीक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीआइजी ने एसआइटी को वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अनुसंधान तेज करने और निर्धारित समय पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है, ताकि मामले का स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को जल्द सजा दिलाई जा सके।
न्याय की लौ: दुमका में छात्रा की मौत पर फूटा छात्रों का गुस्सा, कैंडल मार्च निकाल दी श्रद्धांजलि
दुमका। उपराजधानी दुमका में 12 अक्टूबर को काठीकुंड की नौवीं कक्षा की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पूरे शहर में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। मृतका को न्याय दिलाने और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। इंसाफ की मांग पर अड़े आक्रोशित छात्रों ने दिनभर अंबेडकर चौक को पूरी तरह जाम रखा, जिससे आवागमन ठप रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद शाम को जाम हटाया गया। इसके तुरंत बाद छात्रों ने अंबेडकर चौक से टीन बाजार चौक तक एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। टीन बाजार चौक पर मोमबत्तियां जलाकर मृत छात्रा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने संकल्प लिया कि जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के सामने मुख्य रूप से चार मांगें रखी हैं। उन्होंने पूरे मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है। छात्रों का कहना है कि दोष सिद्ध होने पर अपराधियों को कठोरतम सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके। इसके अलावा उन्होंने शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर छात्राओं की सुरक्षा को पुख्ता करने पर विशेष जोर दिया है। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलन शांत है, लेकिन अब हर किसी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच की प्रगति पर टिकी हैं।
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काठीकुंड में किशोरी की मौत पर उबाल: न्याय के लिए दुमका के आंबेडकर चौक पर डटे छात्र, सड़क जाम से थमी शहर की रफ्तार

दुमका । काठीकुंड में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा है। आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और उन्हें फांसी जैसी कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र दुमका के आंबेडकर चौक पर सड़क पर बैठ गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए नगर थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम हटाने के लिए पहले दौर की बातचीत की, लेकिन यह वार्ता पूरी तरह बेअसर रही। पुलिस प्रशासन के आश्वासनों से असंतुष्ट छात्र सड़क पर ही डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
मामले की गंभीरता और सड़क पर बढ़ते जनसैलाब को देखते हुए दुमका के एसडीओ कौशल कुमार ने मोर्चा संभाला है। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से दोबारा सम्मानजनक वार्ता करने और उन्हें शांत कराने के लिए जिला कल्याण पदाधिकारी को तत्काल मौके पर भेजा है।
आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं का साफ कहना है कि जब तक इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच का ठोस भरोसा नहीं मिलता और पीड़िता के परिवार को न्याय सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन और चक्का जाम वापस नहीं होगा। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी छात्रों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सड़क जाम होने की वजह से आम राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।




