चांदी के एंटीबैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस को रोकते हैं
नई दिल्ली । चांदी सिर्फ आभूषण या निवेश के लिए ही नहीं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाती है। इसके एंटीबैक्टीरियल गुण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस को रोकते हैं। घाव भरने वाली ड्रेसिंग, बर्न क्रीम, मेडिकल बैंडेज और सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स में सिल्वर कोटिंग संक्रमण का खतरा कम करती है। कुछ देशों में सिल्वर-आधारित वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम भी पानी को बैक्टीरिया-फ्री बनाने में मदद करते हैं। चांदी दुनिया की सबसे अच्छी इलेक्ट्रिकल कंडक्टर है। इसलिए इसका उपयोग स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, माइक्रोचिप्स और सर्किट बोर्ड में अनिवार्य है। 5जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के बढ़ते चलन के कारण चांदी की इंडस्ट्रियल मांग लगातार बढ़ रही है। सोलर पैनल में सिल्वर पेस्ट का इस्तेमाल सूर्य की रोशनी को बिजली में बदलने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाता है। जैसे-जैसे दुनिया ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रही है, सोलर पावर की मांग के साथ चांदी की खपत भी बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक कारों में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, पावर कंट्रोल यूनिट और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में चांदी का उपयोग अधिक होता है। ईवी सेक्टर के तेजी से बढ़ने के कारण चांदी की इंडस्ट्रियल मांग में इजाफा हो रहा है। भारत में मिठाइयों और धार्मिक अनुष्ठानों में चांदी का उपयोग सांस्कृतिक महत्व रखता है। निवेशक इसे सोने का सस्ता विकल्प मानते हैं, लेकिन असली ताकत इसके ड्यूल कैरेक्टर में है: यह कीमती धातु भी है और इंडस्ट्रियल मेटल भी।


