नई दिल्ली । क्षय रोग (टीबी) के मरीजों को पौष्टिक भोजन मरीज के शरीर को न केवल जरूरी ऊर्जा और ताकत प्रदान करता है, बल्कि रोग से लड़ने की क्षमता को भी बढ़ाता है और जल्दी स्वस्थ होने में मदद करता है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, टीबी के इलाज के दौरान मरीज का शरीर काफी कमजोर हो जाता है, क्योंकि बीमारी शरीर के पोषक तत्वों को छीन लेती है और उसकी प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देती है।
ऐसे में पौष्टिक आहार शरीर को ताकत देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और नए संक्रमणों से बचाव में सहायक होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं के साथ सही खानपान अपनाने से रिकवरी तेज होती है और इलाज का असर भी बेहतर आता है, जिससे बीमारी से पूरी तरह उबरने की संभावना बढ़ जाती है। पौष्टिक आहार टीबी मरीज को न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है, जो लंबी बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मरीजों की थाली में कुछ विशेष खाद्य पदार्थों को जरूर शामिल करना चाहिए, जो उनके स्वास्थ्य के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। सबसे पहले, अनाज और मिलेट्स जैसे मक्का, चावल, ज्वार, बाजरा और गेहूं ऊर्जा का मुख्य स्रोत होते हैं। ये शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं, जो कमजोरी से लड़ने के लिए आवश्यक है।
दूसरे, दालें और प्रोटीन जैसे मटर, बीन्स, मसूर, चना, राजमा और अन्य दालें प्रोटीन से भरपूर होती हैं। ये मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं और शरीर की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करती हैं, जिससे शरीर को फिर से निर्माण करने में सहायता मिलती है। तीसरे, फल और सब्जियां, विशेषकर मौसमी फल और हरी सब्जियां, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर प्रदान करती हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और शरीर को संक्रमण से लड़ने की शक्ति देते हैं। इनके अलावा, कुछ अन्य जरूरी चीजें भी हैं जिन्हें आहार में शामिल किया जा सकता है।
पर्याप्त मात्रा में खाद्य तेल-घी का सेवन कैलोरी और ऊर्जा प्रदान करता है। गुड़ प्राकृतिक मिठास और कुछ खनिज प्रदान कर सकता है। दूध और दही कैल्शियम और प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं, जो हड्डियों और समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। पनीर या सोया को भी आहार में शामिल किया जा सकता है, जो प्रोटीन का एक अतिरिक्त स्रोत प्रदान करते हैं। दिन में कम से कम 3 समय का पौष्टिक भोजन और बीच-बीच में हेल्दी स्नैक्स लें। भरपूर पानी पिएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं समय पर लें, ताकि उपचार प्रभावी हो सके और मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ जीवन जी सके। टीबी उपचार के दौरान हमेशा ताजा और घर का बना भोजन खाएं। ज्यादा तला-भुना, जंक फूड और बाहर के खाने से पूरी तरह से सावधानी बरतें, क्योंकि ये पाचन को खराब कर सकते हैं और पोषक तत्वों के अवशोषण को बाधित कर सकते हैं।


