एयरपोर्ट पर बार-बार खोलने-लपेटने से समय होगा बर्बाद, ब्लॉकिंग स्लीव का करें इस्तेमाल
नई दिल्ली । विदेश यात्रा पर जाने वाले कुछ लोग इन दिनों अपने पासपोर्ट को एल्युमिनियम फॉयल यानी रसोई में इस्तेमाल होने वाली चमकीली मेटल की पतली शीट में लपेट रहे हैं। इसके पीछे वजह है पासपोर्ट में मौजूद निजी जानकारी को चोरी होने से बचाना। सोशल मीडिया पर इस तरीके को लेकर चर्चा हो रही है। दावा किया जा रहा है कि फॉयल में पासपोर्ट लपेटने से कोई व्यक्ति बिना छुए उसकी जानकारी नहीं पढ़ पाएगा, लेकिन क्या सच में यह तरीका इतना कारगर है? इसे अपनाने से क्या परेशानी हो सकती है? रिपोर्ट के मुताबिक आजकल कई देशों के पासपोर्ट में एक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होती है। इसे बायोमेट्रिक पासपोर्ट कहा जाता है। इस चिप में पासपोर्ट धारक की कुछ जानकारी और उसकी डिजिटल फोटो जैसी चीजें दर्ज होती हैं। इसकी मदद से एयरपोर्ट और इमिग्रेशन अधिकारियों को यात्री की पहचान जांचने में आसानी होती है। कुछ लोगों को डर है कि कोई व्यक्ति खास तरह के वायरलेस रीडर की मदद से उनके पासपोर्ट में मौजूद जानकारी चोरी से पढ़ सकता है। इसी आशंका से बचने के लिए वे पासपोर्ट को एल्युमिनियम फॉयल में लपेटने लगे हैं।
बता दें एल्युमिनियम एक ऐसी मेटल है जो रेडियो सिग्नल को रोक या कमजोर कर सकती है। अगर किसी इलेक्ट्रॉनिक चिप को पूरी तरह से मेटल की परत से ढक दिया जाए, तो उसके साथ वायरलेस तरीके से संपर्क करना मुश्किल होता है। इस तरह की व्यवस्था को फैराडे केज कहा जाता है। आसान शब्दों में समझें तो यह एक ऐसी परत या घेरा है, जो बाहर से आने वाले कुछ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को अंदर पहुंचने से रोकता है। इसी वजह से कुछ यात्रियों को लगता है कि पासपोर्ट पर फॉयल लपेटने से उसकी चिप को कोई अनजान रीडर नहीं पढ़ पाएगा। हालांकि, यह सुरक्षा तभी मिल सकती है, जब फॉयल सही तरीके से चारों तरफ लगी हो और उसमें कोई खुली जगह न हो।
एयरपोर्ट पर पास आइडेंटिटी चेक करने के लिए पासपोर्ट दिखाना पड़ता है। अगर आपने उसे फॉयल में लपेट रखा है, तो हर बार उसे खोलना और दोबारा लपेटना पड़ेगा। इससे जांच में समय लग सकता है और दूसरे यात्रियों को भी इंतजार करना पड़ सकता है। बार-बार फॉयल हटाने और लगाने से पासपोर्ट को संभालना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए यह तरीका सुविधाजनक नहीं है। सिर्फ इस डर से परेशान होने की जरूरत नहीं है कि कोई भी व्यक्ति दूर से आपके पासपोर्ट की सारी जानकारी चुरा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक बिना परमिशन पासपोर्ट की चिप से जानकारी पढ़ने की आशंका को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता, लेकिन आम यात्रा के दौरान इस तरह की चोरी का खतरा अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है। इसलिए केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो देखकर डरने या फॉयल को जरूरी सुरक्षा उपाय मान लेने से बचना चाहिए। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि हर देश के पासपोर्ट में एक जैसी तकनीक या सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती।
अगर आप अपने पासपोर्ट की जानकारी को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना चाहते हैं, तो एल्युमिनियम फॉयल के बजाय इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल रोकने के लिए बनी खास आरएफआईडी-ब्लॉकिंग स्लीव इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पासपोर्ट रखने के लिए बनाई गई एक खास कवर जैसी होती है। इसके अलावा, पासपोर्ट को सुरक्षित जगह पर रखें, अनजान लोगों को उसकी फोटो या जानकारी न भेजें और यात्रा के दौरान उसे लावारिस न छोड़ें। कुल मिलाकर, पासपोर्ट को एल्युमिनियम फॉयल में लपेटने के पीछे कुछ वैज्ञानिक आधार जरूर है, लेकिन इसे पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं माना जा सकता। फॉयल की जगह सही कवर इस्तेमाल करना और पासपोर्ट को सुरक्षित रखना ज्यादा व्यावहारिक तरीका है।


