लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव (एमएलसी) से ठीक पहले मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियों का एक बड़ा मामला सामने आया है। इलाहाबाद-झांसी स्नातक खंड निर्वाचन क्षेत्र की इस सूची में राम ने यादव को मारा और पिता का नाम मूर्खचंद जैसे अजब-गजब नाम दर्ज मिले हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। मामला सामने आने के बाद चुनाव आयोग हरकत में आया और आधी रात के बाद जांच के आदेश जारी करते हुए झांसी के मंडलायुक्त से तत्काल रिपोर्ट तलब की है।
वायरल हो रही मतदाता सूची में सिर्फ अजीब नाम ही नहीं, बल्कि कई ऐसे नाम भी हैं जो पहली नजर में फर्जी लगते हैं। भाग संख्या 72 के क्रमांक 415 पर राम ने यादव को मारा के पिता का नाम मूर्ख चंद यादव दर्ज है। इसी तरह, मोहम्मद पागल रेहान और पिता मोहम्मद हाशिम, इरफान अली ने कहा, अली के पास है, मूर्ख। भाग संख्या 69 के क्रमांक 351 पर वोटर का नाम तथा पिता का नाम दोनों टक्कर मारना दर्ज हैं। कुछ नामों में तो पिता का नाम बीकाम भी लिखा गया है।
इन गंभीर अनियमितताओं की सूचना मिलने के बाद निर्वाचन आयोग ने देर रात एक बजे अपने एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए कहा कि मंडलायुक्त झांसी, जो इस निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी हैं, उन्हें मामले की जांच कर गुरुवार दोपहर तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को ही प्रदेश की 11 विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों पर मतदान होना है। इन गड़बड़ियों को लेकर भाजपा ने भी चुनाव आयोग को शिकायत की है। भाजपा ने वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में बोगस और डुप्लीकेट नामों के साथ-साथ कम उम्र के मतदाताओं के होने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि 24 वर्ष से कम आयु के कई ऐसे युवा मतदाता सूची में शामिल हैं, जो स्नातक निर्वाचन में वोट करने के पात्र नहीं हैं। भाजपा ने अपने शिकायती पत्र में 4397 डुप्लीकेट मतदाताओं का जिक्र किया है, जिनमें प्रयागराज में सर्वाधिक 3163 नाम हैं। जिलाधिकारी ने इस शिकायत की भी जांच के आदेश दिए हैं। इस बीच, प्रशासन ने डुप्लीकेट वोटरों की शिकायत के मद्देनजर एक नया आदेश जारी किया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि यदि उनका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है, तो वे केवल अपने निर्धारित स्थान पर ही मतदान करें। चेतावनी दी गई है कि एक से अधिक बार मतदान करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। चुनाव से ठीक पहले यह विवाद गरमा गया है।


