दुमका। समाहरणालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में राजस्व, आपदा प्रबंधन और प्रमाण पत्र जैसे जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि आम जनता के काम में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान जाति प्रमाण पत्र के मामलों में अत्यधिक देरी पाए जाने पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने शिकारीपाड़ा के राजस्व कर्मचारियों और मसलिया अंचल के सीआई का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। भूमि सीमांकन के मामले में उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि कोई भी आवेदन 90 दिनों से अधिक लंबित न रहे और समय पर शुल्क जमा न होने पर उन्हें नियमानुसार रद्द कर दिया जाए।
इसके अलावा, उपायुक्त ने ग्राम प्रधानों के रिक्त पदों को भरने, उनके मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने और प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों को जल्द से जल्द सहायता राशि देने के निर्देश दिए। पीएम किसान योजना और दाखिल-खारिज के मामलों में भी तेजी लाने को कहा गया ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
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