बरहेट- बरहेट प्रखंड कार्यालय में समाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़ा का मामला इन दिनों काफी चर्चा में है. बताया जा रहा है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ कम उम्र के लोगों को गलत तरीके से नि:शक्तता प्रमाण पत्र के आधार पर, आधार में फर्जी तरीके से उम्र बढ़ाकर कुछ विचौलिया द्वारा योजना का लाभ दिलाया जा रहा था.मामला सामने आने के बाद जिला मुख्यालय से तीन सदस्यी टीम जांच के लिए बुधवार को प्रखंड कार्यालय पहुंचा. जिसमें साहिबगंज डीडीसी सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम भगत, पंचायती राज पदाधिकारी अनिल कुमार शामिल थे. मिली जानकारी के अनुसार जांच टीम के अधिकारियों ने बीडीओ अंशु कुमार पांडे की उपस्थिति में बीडीओ कार्यालय में पंचायत सचिवों के साथ फर्जीवाड़ा से संबंधित घटना पर चर्चा करते हुए आवश्यक कई पंचायत सचिवों से पुछ ताछ किए तथा कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए.
चर्चा है कि योजना के बीते दो वर्षों में लगभग 18 हजार लाभुकों के आवेदन को स्वीकृति मिली है. लेकिन अंचल के योजना से संबंधित कम्प्यूटर कक्ष में महज लगभग 6 हजार लाभुकों के स्वीकृत दस्तावेज उपलब्ध मिले हैं. इस मामले की टीम द्वारा लगभग दो घंटे तक पड़ताल की गई. हालांकि इस संबंध में डीडीसी सतीश चंद्रा से पुछे जाने पर उक्त आंकड़ों की पुष्टि नहीं की और बताया कि मामले में जांच चल रही है.सब कुछ बता दिया जायेगा. इस दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बरहरवा नितिन खंडेलवाल भी प्रखंड कार्यालय पहुंचे .इसके अलावा बरहेट थाना के पुलिस पदाधिकारी पुलिस अवर निरीक्षक बिट्टू कुमार साह, विजय रमानी व अन्य पुलिस जवान के साथ प्रखंड कार्यालय में घटना को लेकर जांच करते नजर आए.पुलिस अधिकारियों द्वारा संबंधित कंप्यूटर कक्ष का वीडियो ग्राफी किया गया. चर्चा है कि इस मामले गहन छानबीन के दौरान कई लोगों के नाम इसमें शामिल हो सकते हैं. समाचार भेजे जाने तक पुलिस पदाधिकारी प्रखंड कार्यालय में ही मौजूद थे तथा जांच की प्रक्रिया चल ही रही थी.साथ ही दो कंप्यूटर ऑपरेटर से पूछताछ की बात सामने आ रही है.अब जांच के बाद ही इसकी सच्चाई समने आएगी.


