पटना । बॉलीबुड के मशहूर सिंगर उदित नारायण ने एक कार्यक्रम में गाना गया… जानम देख लो मिट गई दूरियां…इस पर उपस्थितों ने खूब तालियां बजाईं। समारोह में मौजूद सीएम नीतीश कुमार भी मुस्कुराते नजर आए। उनकी मुस्कुराहट का भांपते हुए उदित नारायण ने कहा कि ये गाना मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फरमाइश पर गाया है। मुझे भरोसा है कि सीएम नीतीश कुमार ने मुझे गिफ्ट के तौर पर मेरे गांव में सड़क और बिजली देने का वादा किया है और जल्द पूरा हो जाएगा। सीएम नीतीश कुमार के जीवन गाथा पर लिखी गई पुस्तक ‘बिहार के गांधी नीतीश कुमार’ का रविवार को विमोचन किया गया। इस पुस्तक को बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और सांसद शांभवी चौधरी ने लिखा है। इस दौरान इस कार्यक्रम में बीजेपी सांसद अरुण गोविल और देश के जाने माने सिंगर उदित नारायण भी मौजूद रहे। बिहार विधान सभा सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ‘बिहार के गांधी नीतीश कुमार’ पुस्तक का लोकार्पण किया।
इस दौरान उदित नारायण ने नीतीश कुमार के एक गाना जानम देख लो मिट गई दूरियां की फ़रमाइश की चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के इस गाने की फ़रमाइश पर मैंने गीत गाया। लेकिन, नीतीश कुमार जी के सामने एक शर्त भी रख दी। उदित नारायण ने इस वाकये का जिक्र करते हुए कहा कि गाना गाने के लिए मैंने शर्त रख दी कि मेरे आग्रह पर मेरे गांव में सड़क और बिजली पहुंच जाए। बइस दौरान उदित नारायण ने गीत गाकर नीतीश कुमार के व्यक्तित्व को याद किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के सत्ता में आने से पहले बिहार में सड़को का हाल बहुत खराब था। लेकिन, आज बिहार में कहीं जाएं 4 से 5 घंटे में पहुंच जाता हूं।
उदित नारायण ने कहा कि नीतीश जी ने मेरी मांग को माना और मैंने भी गाना गाकर उनकी मांग को पूरा किया। नीतीश कुमार जैसे मुख्यमंत्री पाकर हम बिहारवासी गर्व करते हैं। गांधी जी के सपनों को नीतीश जी ने पूरा किया। नीतीश जी ऐसे राजनेता है जो बेदाग है। नीतीश कुमार जैसे नेता का कभी अंत नहीं होता है। वो हमेशा लोगो के दिल में रहते है। वहीं सम्राट चौधरी ने पुस्तक लोकार्पण के मौके पर कहा कि नीतीश जी को मैं अपने आदर्श के तौर पर देखते आया हूं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि मैंने दो बड़े नेता के साथ काम किया। लालू यादव और नीतीश कुमार के साथ। लेकिन दोनों में काफ़ी अंतर है। लालू यादव को बनाने में नीतीश कुमार का बड़ा योगदान था। लेकिन, लालू यादव कसौटी पर खड़े नहीं उतरे। लालू यादव सिर्फ पैसे के लिए राजनीति करते रहे। लेकिन, नीतीश जी कभी पैसे के पीछे नहीं भागे। मैं राजनीतिक तौर पर नीतीश जी के खिलाफ लड़ा हूं। लेकिन, नीतीश कुमार के खिलाफ कोई भी भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगा पाया।
वीरेन्द्र विश्वकर्मा/ईएमएस 19 अगस्त 2024
————————————————-
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


