जामताड़ा। नाला अस्पताल की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। गुरुवार तड़के करीब पांच बजे गंभीर हालत में एक नवजात शिशु को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में जरूरी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण नवजात को उपचार के लिए करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
चकनयापाड़ा पंचायत निवासी बलराम मंडल के परिजनों के मुताबिक, नवजात की हालत गंभीर होने के बावजूद समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। बाद में चिकित्सक के अस्पताल पहुंचने पर परिजनों ने कथित अव्यवस्था का वीडियो बनाने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि उन्हें वीडियो बनाने से रोका गया तथा दुर्व्यवहार और धमकी दी गई।
परिजनों ने यह भी दावा किया कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने बातचीत के दौरान कई महीनों से वेतन भुगतान नहीं होने की बात कही। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और रात्रिकालीन आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मामले में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। वहीं, जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने मामले की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही।


