नई दिल्ली । कभी घातक नक्सली हमलों के लिए बदनाम रहा छत्तीसगढ़ का उग्रवाद प्रभावित सुकमा जिला अब शिक्षा के क्षेत्र में नई रोशनी जागा रहा है, क्योंकि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने टेकलगुडेम में अपने फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) में मॉडल स्कूल खोला है। सीआरपीएफ अधिकारियों के अनुसार मॉडल स्कूल को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। 150वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर मुकेश कुमार, कंपनी कमांडर अजय त्यागी और कमांडेंट राकेश चंद्र शुक्ला ने स्कूल की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुलिस ने कहा कि सीआरपीएफ, जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत उग्रवाद की समस्या से जूझ रहे अंदरूनी इलाकों में स्कूल संचालित हो रहे हैं।
पुलिस के अनुसार नक्सली नेता हिडमा के पैतृक गांव माने जाने वाले टेकलगुडेम और पूर्ववर्ती में क्रमशः दो स्कूल खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों का लाभ बच्चों को मिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को राशन, किताबें और खेल सामग्री मिल रही है। अधिकारी ने बताया कि पिछले साल टेकलगुडेम और पुवर्ती में शिविर खोले गए थे, इसमें ग्रामीणों का विश्वास जीतने और सरकारी कार्यों और महत्वाकांक्षी नियाद नेल्लनार योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया था।
अर्धसैनिक बल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक ग्रामीण ने स्कूल की स्थापना की प्रशंसा की। पहले गांव में शिक्षा की सुविधा नहीं थी और अगर कोई यहां स्कूल खोलने आता था, तब नक्सली आपत्ति जताते थे और चरम कदम (हिंसा, हत्या आदि) भी उठाते थे, जिसके परिणामस्वरूप यहां बच्चों के लिए कोई शिक्षा सुविधा नहीं थी। स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ भोजन भी मिलता है। पहले इस क्षेत्र में सड़क संपर्क नहीं था और सीआरपीएफ के आने के बाद सड़कों का विकास हुआ जिससे हमारा आवागमन सुविधाजनक हो गया। गौरतलब है कि टेकलगुडेम कई दशकों तक नक्सली आतंक के साये में था।
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