48 नगर निकायों में 23 फरवरी को डाले जाएंगे वोट
नगर निकाय क्षेत्रों में आचार संहिता लागू
नामांकन -29 जनवरी से चार फरवरी 2026
स्क्रुटनी -पांच फरवरी
नामांकन वापसी -छह फरवरी
चुनाव चिन्ह आवंटन- सात फरवरी
मतदान : 23 फरवरी
मतगणना : 27 फरवरी
रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा कर दी गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि राज्य के 48 नगर निकायों में 23 फरवरी को मतदान होगा, जबकि 27 फरवरी को मतगणना कराई जाएगी। चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित नगर निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि नगर निकाय चुनाव गैर-दलीय आधार पर कराए जाएंगे और आचार संहिता केवल निकाय क्षेत्रों में ही प्रभावी रहेगी। 1 अक्टूबर 2024 तक बनी मतदाता सूची के आधार पर ही मतदान होगा। यानी जिस मतदाता सूची से विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे, उसी से नगर निकाय चुनाव भी होंगे। राज्य के कुल 48 नगर निकायों में 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं। इन निकायों के कुल 1087 वार्डों में वार्ड पार्षदों के साथ-साथ महापौर/अध्यक्ष का प्रत्यक्ष निर्वाचन होगा। वहीं उपमहापौर/उपाध्यक्ष का पद अनारक्षित रहेगा, जिस पर अप्रत्यक्ष निर्वाचन कराया जाएगा।
29 जनवरी से प्रारंभ होगा नांमांकन
निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने बताया कि 28 जनवरी से निर्वाचन की सूचना प्रकाशित की जायेगी। 29 जनवरी से चार फरवरी तक नामांकन होगा। नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा। नामांकन की स्क्रुटनी पांच फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक चलेगा। नामांकन वापसी छह फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा। चुनाव चिन्ह सात फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक दिया जायेगा। नगर निकाय चुनाव मतपत्र (बैलेट पेपर) और मतपेटिका के माध्यम से संपन्न होंगे। इसको लेकर संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका)-सह-उपायुक्तों को पर्याप्त संख्या में मतपेटिकाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। मतदान एवं मतगणना कर्मियों को समय पर प्रशिक्षण देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। चुनाव के लिए राज्यभर में कुल 4304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जो 2129 भवनों में स्थित हैं। चुनाव में नोटा का विकल्प नही है। मतदाताओं को किसी प्रत्याशी को मतदान करना आवश्यक है।
प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल, शौचालय की होगी व्यवस्था
राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैम्प जैसी न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। हालांकि चुनाव गैर-दलीय होंगे, लेकिन जेएमएम, भाजपा और कांग्रेस समेत सभी प्रमुख राजनीतिक दल शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशों में जुट गए हैं।
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बैलेट पेपर से होंगे चुनाव, नोटा का विकल्प नहीं
रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा के साथ ही उन शहरी क्षेत्रों की सूची भी सामने आ गई है, जहां चुनाव कराए जाएंगे। राज्य के कुल 48 नगर निकायों में एक ही दिन बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। इनमें 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं।
इन नगर निगमों में होंगे चुनाव
रांची, हजारीबाग, मेदिनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो।
इन नगर परिषदों में होगा मतदान
गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम।
इन नगर पंचायतों में कराए जाएंगे चुनाव
बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया।
कई निकायों में वर्षों से लंबित हैं चुनाव
झारखंड में कुल 48 नगर निकायों में से 13 ऐसे निकाय हैं, जहां वर्ष 2020 से ही चुनाव लंबित हैं। वहीं रांची समेत शेष नगर निगमों और अन्य निकायों में 2022 से चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसे में इन चुनावों को राज्य की शहरी शासन व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा
रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सभी नगर निकायों में एक ही दिन बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पुराने वोटर लिस्ट से होगा मतदान
रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की घोषणा कर दी गई है। राज्य के 48 नगर निकायों में 23 फरवरी 2026 को मतदान होगा, जबकि 27 फरवरी 2026 को मतगणना कराई जाएगी। चुनाव उसी मतदाता सूची के आधार पर होंगे, जिससे विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे। यानी 1 अक्टूबर 2024 से पहले जुड़े मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। जिन मतदाताओं के पास मतदाता पहचान पत्र है, उनकी पहचान उसी के माध्यम से की जाएगी। वहीं जिनके पास वोटर आईडी नहीं है, वे 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों में से किसी एक के जरिए मतदान कर सकेंगे। मान्य पहचान पत्रों में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक/डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक, सरकारी या सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, एनपीआर, फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा कार्ड और फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदान के दिन मान्य पहचान पत्र साथ लेकर मतदान केंद्र पहुंचें, ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराई जा सके।


