रांची। झारखंड दौरे पर आए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने आज राजधानी में राज्य के शहरी विकास और विद्युत क्षेत्र की समीक्षा बैठक की। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी, पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में अभी भी करीब 30 हजार घरों तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा है। इन्हेंह्न आ प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाएगा ताकि शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल हो सके। उन्होंने बताया कि जहां ट्रांसमिशन लाइन नहीं पहुंच पाई है, वहां सोलर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पहुंचाने का काम किया जाएगा. झारखंड में विद्युत क्षति (ट्रांसमिशन लॉस) को लेकर चिंता जताते हुए मंत्री ने कहा कि यहां का आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है। वर्तमान 24 प्रतिशत ट्रांसमिशन लॉस को घटाकर 20 प्रतिशत लाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह करीब 15 प्रतिशत है। इससे बिजली चोरी पर भी अंकुश लगेगा।पमनोहर लाल ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की योजना की जानकारी दी। घरेलू कनेक्शनों के साथ-साथ कमर्शियल और इंडस्ट्रियल क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया जाएगा, जिससे बिजली बिलिंग व्यवस्था मजबूत होगी।
उन्होंने डीवीसी कमांड एरिया में ट्रांसमिशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन भी दिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं सहित उच्च भार वाले सभी उपभोक्ताओं के यहां 31 अगस्त 2026 तक स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके अलावा अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के बीच भी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने राज्य की बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए संसाधनों की पर्याप्तता और पारेषण नेटवर्क के विस्तार की भी समीक्षा की। उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जेजीयूए) के तहत जनजातीय परिवारों के लिए ग्रिड विद्युतीकरण की प्रगति पर संतोष जताते हुए कार्यों में और तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। मनोहर लाल ने राज्य सरकार से इन योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
उन्होंने सरकारी भवनों की छतों पर प्राथमिकता के आधार पर रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की सलाह दी। उनका कहना था कि इससे ग्रिड पर निर्भरता कम होगी और राज्य सरकार के बिजली व्यय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। बैठक के दौरान झारखंड सरकार की ओर से राज्य में चल रही विभिन्न विद्युत एवं शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। राज्य के ऊर्जा मंत्री ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और आश्वासन दिया कि स्वीकृत परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन तथा ऊर्जा क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। समीक्षा बैठक को राज्य के ऊर्जा और शहरी विकास क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटरिंग, सौर ऊर्जा विस्तार, वित्तीय सुधार और विद्युत अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण जैसे निर्णय राज्य की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक सक्षम और टिकाऊ बनाने में मदद करेंगे।-


