ब्रोकरेज ने टाइटन पर 4,397 रुपए का टारगेट दिया
नई दिल्ली । शादी के सीजन में भी ज्वेलरी की मांग होने के बावजूद बिक्री में 30 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार के जानकारों के अनुसार इसका मुख्य कारण सोने की बढ़ी कीमतें हैं। बीते एक साल में सोने के दाम 70 फीसदी से अधिक बढ़ चुके हैं, जिससे आम ग्राहक महंगी और भारी ज्वेलरी खरीदने से कतराने लगे हैं। ग्राहक अब हल्की ज्वेलरी को प्राथमिकता दे रहे हैं और 22 कैरेट के बजाय 18 और 14 कैरेट सोने की मांग बढ़ी है। हालांकि खरीदी गई सोने की मात्रा कम हुई है, लेकिन कुल खर्च लगभग पहले जैसा ही बना हुआ है। इसके साथ ही निवेश के तौर पर सोने के सिक्कों की मांग में भी बढ़त देखी जा रही है।
छोटे और स्थानीय ज्वेलर्स बढ़ती कीमतों के कारण दबाव में हैं, जबकि बड़े और संगठित कंपनियों जैसे टाइटन को बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। एक ब्रोकरेज फर्म ने टाइटन पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 4,397 रुपए तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार ज्वेलरी मार्जिन अब सबसे निचले स्तर पर है और आने वाले समय में इसमें सुधार की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच टाइटन की बिक्री और मुनाफे में बढ़त देखने की संभावना है। शादी की संख्या बढ़ने और टीयर-2 व टीयर-3 शहरों में स्टोर्स विस्तार से कुल बिक्री मूल्य में इजाफा हो सकता है। ग्राहक अब भरोसेमंद और बड़े ब्रांड्स की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ज्वेलरी सेक्टर में बाजार हिस्सेदारी बड़े खिलाड़ियों के पक्ष में मजबूत हो रही है।


