एक एकड़ 69 डिसमिल जमीन को लेकर बुलाई मोड़े मांझी
थाना और गांव में भी हो चुकी है बैठक
गोपीकांदर। गोपीकांदर अंचल क्षेत्र के पिंडरगढ़िया गांव में एक एकड़ 69 डिसमिल जमीन को लेकर मोड़े मांझी की बैठक बुलाई गई। हालांकि मोड़े मांझी की इस बैठक में द्वितीय पक्ष हाजिर नहीं हुए। मामले की जानकारी मिलने पर गोपीकांदर पुलिस ने द्वितीय पक्ष के सात लोगों को थाना ले आई है, जबकि प्रथम पक्ष को भी थाना आने की हिदायत दी गई है। मोड़े मांझी की अध्यक्षता कर रहे सुनील हांसदा ने बताया कि पिंडरगढ़िया गांव के प्रथम पक्ष छोटा कीस्टो देहरी ने मोड़े मांझी की बुलाई है। बैठक में प्रथम पक्ष छोटा कीस्टो देहरी है जबकि द्वितीय पक्ष शिवलाल देहरी, बेहदा देहरी, छोटा बेहदा देहरी, कालू देहरी, लखिन्द्र देहरी, शांति महारानी, देवा देहरी, जीतू देहरी शामिल है। उन्होंने बताया कि जमीन सभी कागजात छोटा कीस्टो के पक्ष में है, लेकिन द्वितीय पक्ष जबरन एक एकड़ 69 डिसमिल जमीन को कब्जे में लेकर रखा है। इस मामले को लेकर गांव में तीन बार बैठक किया गया। हर बार बैठक में छोटा कीस्टो की जीत हुई। द्वितीय पक्ष जबरन जमीन पर कब्जा कर रखना चाहता है। प्रथम पक्ष के छोटा कीस्टो देहरी ने बताया कि पिछले पांच माह से जमीन को लेकर समस्या चल रही है। कभी गांव तो कभी थाना का दरवाजा खटखटाया है लेकिन समाधान नहीं हुआ। अंततः मोड़े मांझी का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि जमीन को लेकर गांव के अलावे थाना में भी पिछले छह सितंबर को द्वितीय पक्ष के सभी लोगों और सीओ के उपस्थिति में बैठक किया गया था। बैठक में छोटा कीस्टो का ही जमीन निकला लेकिन द्वितीय पक्ष के ज्यादा सदस्य होने के कारण वह बलपूर्वक जमीन को अपने कब्जे में लेना चाहता है। मोड़े मांझी की बैठक में शामिल सभी ग्रामीणों द्वारा अमीन के द्वारा जमीन का मापी कर छोटा कीस्टो के जमीन निकाल दिया गया। सुनील हांसदा ने बताया कि सभी जांच पड़ताल करने के बाद सभी कागजात छोटा कीस्टो के तरफ है। उक्त जमीन पर द्वितीय पक्ष का कहीं कोई अधिकार नहीं है। वह जबरन जमीन पर कब्जा किये हुए है। उन्होंने बताया कि छोटा कीस्टो के हिस्से की जमीन अमीन के द्वारा मापी कर दिया गया है। अब उस पर छोटा कीस्टो का अधिकार है। यदि इस निर्णय को द्वितीय पक्ष नहीं मानता है तो फिर अंतिम बार लॉ बैसी की जाएगा और द्वितीय पक्ष का जमीन सहित घर और अन्य सामानों को जब्त कर लिया जाएगा। आपको बता दें कि लॉ बैसी एक कठोर निर्णय लेने के लिए बैठक का आयोजन होता है। इस बैठक में लिए गए निर्णय को सर्वमान्य माना जाता है। जिसके बाद आरोपी के घर सहित जमीन पर कब्जा किया जाता है।
बैठक में ये रहे शामिल
पिछले 29 सितंबर से पिंडरगढ़िया गांव में चल रहे मोड़े मांझी की बैठक का समापन 30 सितंबर को हुई। मोड़े मांझी की बैठक में 44 गांव के ग्राम प्रधान, गुडित सहित समा देहरी, पर्याय देवी, रावण राय, रघुनंदन कुमार देहरी, बबलू देहरी, लखन देहरी, अनिल कुमार देहरी सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल थे।
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मामला संज्ञान में आया है। दोनों पक्षों को बुलाकर समझाया गया था। हाल सर्वे और गेन्जर सेटलमेंट को लेकर दोनों में अलग है। यह रेवेन्यू कोर्ट या फिर सिविल कोर्ट का मामला बनता है। मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
– राजा राम सिंह मुंडा, अंचलाधिकारी गोपीकांदर


