नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय ने हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह को कोर्ट की अवमानना का दोषी करार दिया है। जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव की बेंच ने सजा की अवधि पर 4 मई को सुनवाई करने का आदेश दिया।
अवमानना याचिका हॉकी इंडिया के उपाध्यक्ष सईद असीमा अली ने दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि 17 जनवरी 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश का पालन हॉकी इंडिया के अधिकारियों ने नहीं किया था। उच्च न्यायालय ने 17 जनवरी 2025 को पारित आदेश में कहा था कि वो याचिकाकर्ता को जरुरी लिंक उपलब्ध कराएं, ताकि वो हॉकी इंडिया के एक्जीक्यूटिव बोर्ड मीटिंग में शामिल हो सके। हॉकी इंडिया के अधिकारियों ने 4 जुलाई 2025 और 27 जुलाई 2025 की एक्जीक्यूटिव बोर्ड मीटिंग का लिंक उपलब्ध नहीं कराया था।
उच्च न्यायालय ने कहा कि हॉकी इंडिया के अधिकारी दूसरे कामों का बहाना बनाकर याचिकाकर्ता को बैठक का लिंक उपलब्ध नहीं कराने के आदेश का पालन करने की जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं। हॉकी इंडिया के अधिकारियों ने उच्च न्यायालय के आदेश में संशोधन की भी मांग नहीं की थी। यहां तक की आदेश का पालन नहीं करने पर कोई पछतावा या माफीनामा भी पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि भोला नाथ सिंह का कृत्य जानबूझकर कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने वाला लगता है। ये मामला सीधा-सीधा कोर्ट की अवमानना का ही है। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक धन से चलने वाले एक राष्ट्रीय खेल संघ की ओर से ऐसा करना केवल प्रशासनिक लापरवाही भर नहीं है।
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