रांची । मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपित अमर मंडल की याचिका पर बुधवार को झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में सुनवाई हुई, इस मामले में अदालत ने ईडी से जवाब मांगा है। पूछा है कि पीएमएलए के सेक्शन 66(2) के तहत संबंधित एजेंसी को सूचित करने की कार्रवाई हुई है या नहीं। अदालत ने अमर मंडल के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर रोक जारी रखी है। मामले की सुनवाई अब दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा। पिछली सुनवाई में अदालत ने अमर मंडल के खिलाफ ईडी द्वारा दर्ज केस (इसीआईआर/आरएनजेडओ/08/2023) पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि इस मामले में ईडी की ओर से आगे की कार्रवाई अगले आदेश तक नहीं की जाएगी।
दरअसल, प्रार्थी ने उच्च न्यायालय में क्रिमिनल रिट दाखिल कर ईडी में दर्ज केस को निरस्त करने का आग्रह किया है। साथ ही हस्तक्षेप याचिका (आईए) दाखिल कर कहा है कि जिस मूल केस के आधार पर ईडी ने उनके खिलाफ इसीआईआर केस दर्ज किया है, उसमें वह बरी हो चुके हैं। दलील दी गई है कि जब मूल केस में ही वह बरी हो गए हैं तो उनके खिलाफ ईडी में दर्ज केस नहीं चलाया जा सकता। उनकी ओर से कहा गया कि प्रिडिकेट ऑफेंस में जब वे बरी हो गए हैं तो ईडी के केस में कार्रवाई आगे नहीं बढ़नी चाहिए। प्रार्थी की ओर से अदालत में उच्चतम न्यायालय के विजय मदनलाल चौधरी केस का भी हवाला दिया गया। यह भी कहा गया कि अमर मंडल के खिलाफ पोरैयाहाट कांड संख्या 7 /2019 दर्ज है, जिसमें वह बरी हो चुका है। इसी के आधार पर ईडी ने इसीआईआर दर्ज किया है।


