शिमला । हिमाचल प्रदेश में 1328 बुजुर्ग 100 साल की उम्र से ज्यादा के हैं। इनमें से 122 साल से अधिक उम्र के 16 लोग हैं। शिमला स्थित हिमाचल साइंस एंड मैनेजमेंट समिति के वैज्ञानिक डॉ बृजेश सिंह एवं उनके साथियों ने एक शोध किया है। इसमें उन्होंने 300 बुजुर्गों का लगातार परीक्षण किया है। दिन भर उनके खान-पान और लाइफस्टाइल को रिकॉर्ड किया है।
डॉ बृजेश के अनुसार 100 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग ऑर्गेनिक फूड का इस्तेमाल करते हैं। वह अच्छी नींद लेते हैं, रोजाना अपना काम स्वयं करते हैं। लोक संगीत को सुनते हैं। अनुशासित जीवन जीने के कारण उन्हें दवाइयां का भी उपयोग नहीं करना पड़ता है। उनका रहन-सहन पूरे नियम के अनुसार रहता है। जिसके कारण वह इतनी लंबी उम्र के होने के बाद भी वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
हिमाचल की पहाड़ी में बसे यह 1328 बुजुर्ग ऑर्गेनिक फूड, जिसमें मोटा अनाज इनके खान-पान में मुख्य रूप से उपयोग में आता है। यह नियमित रूप से दूध पीते हैं। इन्हें अच्छी नींद आती है,कम से कम 6 घंटे की नींद होती है। समय पर सोना और समय पर जागना उनकी नियमित आदत है।
यहां के बुजुर्ग रोजाना 6 से 8 किलोमीटर पैदल चलते हैं। जिससे उनके सभी अंगों का व्यायाम होता है। इनकी पाचन क्रिया अच्छी है। पहाड़ी गानों को नियमित रूप से सुनते हैं। रोजाना तरो- ताजा महसूस करते हैं।
300 बुजुर्गों पर शोध करने वाले डॉक्टरों का कहना है। वर्तमान में लोग अल्ट्रा प्रक्रिया फूड का जरूरत से ज्यादा उपयोग कर रहे हैं। जरूर से ज्यादा नमक उनके भोजन में है। जिसके कारण वर्तमान समय में लोग हाईं ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियों, तथा पेट की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। शोध करने वाले डॉक्टरों का कहना है। पहाड़ में जो बुजुर्ग इतनी लंबी उम्र के पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। उनकी नियमित जीवन शैली और खान-पान के कारण संभव हो पा रही है। निरोगी रहने और अच्छी उम्र पाने के लिए खानपान और नियमित जीवन शैली जरूरी है।


