डॉक्टरों के हड़ताल के समर्थन के बावजूद पीजेएमसीएच ने मरीजों के लिए निकाला राह
रेजिडेंट डॉक्टर के हड़ताल के बीच पीजेएमसीएच दुमका में की गई है इलाज की वैकल्पिक व्यवस्था:डॉo अनुकरण पूर्ति
एस.के. झा. ‘सुमन’
दुमका। एक तरफ जहां कोलकाता की आरजी कर मेडिकल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर की अस्पताल परिसर में ही बलात्कार के बाद नृशंस हत्या हुई, वह दिल को झकझोर देने वाला है । ऐसे में डॉक्टरों के लगातार चल रहे आंदोलन के प्रति लोगों में सहानुभूति है, तो दूसरी तरफ मरीजों के डॉक्टरों द्वारा लगातार इनकार करने से लोगों में मरीजों को लेकर भी सहानुभूति है। यहां तक की सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने भी डॉक्टरों को हर तरह की सुरक्षा दिलाने की बात करते हुए इस बात को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है कि मरीज का इलाज नहीं हो रहा है। उन्होंने डॉक्टरों से जल्द काम पर लौटने का आह्वान किया है। देश के विभिन्न हिस्सों में डॉक्टर के इस हड़ताल और मरीजों के इलाज को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं देखने को मिल रही है। आईए जानते हैं दुमका के फूलों झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस समय क्या स्थिति है। हमारे ब्यूरो प्रभारी ने गुरुवार को 11:00 दिन दिन में दुमका के फूलों झानों मेडिकल अस्पताल में स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल में मरीजों की लंबी-लंबी कतार लगी हुई थी लोग रजिस्ट्रेशन करवा रहे थे।
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क्या कहते हैं मरीज
दिलीप ठाकुर ने बताया कि वे अपने पत्नी के साथ इलाज करने के लिए आए हुए हैं और इस समय रजिस्ट्रेशन के लिए पंक्ति में खड़े हैं।
दिलीप ठाकुर
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दूसरे मरीज डोली कुमारी से बातचीत करने पर पता चला उसने अपना रजिस्ट्रेशन करवा लिया है और डॉक्टर का आने का इंतजार कर रहे हैं।
डोली कुमारी
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वहीं टीकाकरण वार्ड में खड़े विजय हाँसदा ने बताया कि वह अपने बच्चों का टीकाकरण करने के लिए आए हैं । अंदर टीकाकरण का काम चल रहा है। हम भी अपनी पारी का इंतजार कर रहे हैं।
विजय हांसदा
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रजिस्ट्रेशन काउंटर पर खड़े बबलू सोरेन ने बताया अस्पताल में काफी भीड़ है और रजिस्ट्रेशन के लिए पंक्ति में खड़ा होकर काउंटर तक पहुंचाने के इंतजार कर रहे हैं ताकि रजिस्ट्रेशन करने के बाद इलाज करवा सके।
बबलू सोरेन
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क्या कहते हैं पीजेएमसीएच के सुपरीटेंडेंट
देश में चल रहे रेजिडेंट डॉक्टरों का हड़ताल और मरीजों के इलाज से जुड़े प्रश्न पूछने पर पीजेएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर अनुकरण पूर्ति ने बताया की हमारे यहां रेजिडेंट डॉक्टर बहुत ज्यादा नहीं है। ऐसे में उनके हड़ताल का यहां ज्यादा असर नहीं पड़ रहा है, लेकिन उनके प्रति समर्थन जताते हुए हम लोगों ने ओपीडी में इलाज बंद रखा है, लेकिन उसकी जगह इमरजेंसी वार्ड में यहां इलाज करने आने वाले हर मरीज का इलाज कर रहे हैं और कुछ -कुछ दवाइयां भी दे रहे हैं।
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क्या कहते हैं आईएमए, दुमका के अध्यक्ष
आईएमए, दुमका के अध्यक्ष डी.एन. पांडे ने बताया कि उनके संगठन ने एक दिन हड़ताल को समर्थन दिया। यह एक तरह से सांकेतिक था,जो यह बता रहा है की सरकार डॉक्टरों के हित के लिए कानून बनाए साथ ही मरीज का इलाज भी चलते रहे, लेकिन अगर सरकार इसमें विफल रहती है तो आगे संगठन भी रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ हड़ताल में चला जाएगा।
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