मुंबई । गूगल आपके लोकेशन को ट्रैक करने के लिए केवल जीपीएस पर निर्भर नहीं रहता है। कई स्मार्टफोन यूजर्स को इसकी जानकारी नहीं होती कि उनके एंड्रॉयड डिवाइस विभिन्न इनबिल्ट एप के जरिए भी लोकेशन डेटा कलेक्ट करते हैं। यह तकनीक वाई-फाई नेटवर्क, सेल टावर, और ब्लूटूथ जैसे साधनों का इस्तेमाल कर आपकी सटीक लोकेशन का पता लगाती है। इस ट्रैकिंग से आपकी प्राइवेसी प्रभावित हो सकती है, लेकिन इन्हें सीमित करने के लिए गूगल अकाउंट और डिवाइस सेटिंग्स में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
वाई-फाई पोजिशनिंग : गूगल आपके डिवाइस द्वारा कनेक्ट किए गए या पाए गए वाई-फाई नेटवर्क के सिग्नल डेटा का उपयोग करता है। सिग्नल की ताकत के आधार पर, यह आपकी सटीक लोकेशन का अनुमान लगाता है। आपका फोन नजदीकी मोबाइल टावरों से कनेक्ट होता है। सिग्नल की ताकत के आधार पर, गूगल आपकी सामान्य लोकेशन का पता लगा सकता है। इतना ही नहीं गूगल आपके आस-पास के ब्लूटूथ डिवाइस या स्टोर्स में लगे बीकन के सिग्नल का उपयोग करके आपकी लोकेशन पता कर सकता है। वहीं इंटरनेट से कनेक्ट होने पर आपके डिवाइस को एक आईपी एड्रेस मिलता है। इस आईपी एड्रेस के जरिए आपकी भौगोलिक स्थिति का अनुमान लग सकता है।
गूगल ट्रैकिंग कैसे रोकें?
इसके लिए सबसे पहले अपने गूगल अकाउंट में मॉय एक्टिविट विकल्प पर जाएं और बेव और एप एक्टिविट और लोककेशन हिस्ट्री को बंद करें। माय गूगल एक्टिविट में जाकर ? डिलिट एक्टिविट वाय ऑप्शन चुनें और अपने लोकेशन डेटा को हटाएं। अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स में लोकेशन फीचर को बंद करें।
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