फोन पे से कैशबैक, एयरटेल कार्ड बंद करने और लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी का आरोप
देवघर। फोन की दूसरी तरफ कस्टमर केयर का भरोसेमंद चेहरा और सामने बैठे ठग। कभी फ्लिपकार्ट-अमेजन का कस्टमर केयर बनकर तो कभी फोनपे और एयरटेल पेमेंट बैंक का अधिकारी बनकर लोगों को जाल में फंसाया जाता था। पुलिस ने ऐसे ही कथित साइबर ठगी के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में तौहिद अंसारी, दिनेश महरा, अघनु दास, प्रमोद कुमार दास और सुमन कुमार को पकड़ा गया। इनके पास से मिले मोबाइल फोन और सिम की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
कई नाम, एक ही मकसद
पुलिस के मुताबिक, आरोपित अलग-अलग कंपनियों और सेवाओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क करते थे। फ्लिपकार्ट और अमेजन कस्टमर केयर, फोनपे कस्टमर केयर तथा एयरटेल पेमेंट बैंक पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लिया जाता था। पीएम किसान योजना और लोन दिलाने के नाम पर भी फर्जी मोबाइल नंबरों से संपर्क कर ठगी करने की बात सामने आई है।
कैशबैक का झांसा, गिफ्ट कार्ड से ठगी
पुलिस के अनुसार, आरोपित कैशबैक का लालच देकर उपभोक्ताओं से फोनपे गिफ्ट कार्ड बनवाते थे। इसके बाद गिफ्ट कार्ड को रिडीम कर रकम की ठगी की जाती थी। वहीं, एयरटेल पेमेंट बैंक के नाम पर पहले कार्ड बंद करने और फिर सहायता के नाम पर उसे दोबारा चालू कराने का झांसा देकर भी ठगी की जाती थी।
एक आरोपित पहले भी आरोपपत्रित
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार प्रमोद कुमार दास का साइबर अपराध से जुड़ा पुराना मामला है। वह देवघर साइबर थाना कांड संख्या 42/21 में आरोपपत्रित है।
पुलिस की जांच जारी
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर के आदेश और वरीय पुलिस उपाधीक्षक, साइबर अपराध कैलाश प्रसाद महतो के निर्देश पर की गई। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और सिम की जांच कर रही है। जांच में साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों और नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।


