मुजफ्फरपुर । जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर में जमीनी विवाद के कारण वर्ष 2019 में हुए एक हत्याकांड के मुख्य गवाह अजीत कुमार (उम्र करीब 40 वर्ष) को पड़ोसियों ने दरवाजे पर चढ़कर ताबड़तोड़ चार गोलियां मार दीं। घटना शुक्रवार की देर रात की है। घायल अजीत को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
राघोपुर निवासी अजीत कुमार का अपने ही पाटीदारों के साथ करीब 47 बीघा पैतृक जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी जमीनी विवाद में वर्ष 2019 में दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें अजीत के बड़े भाई अखिलेश राय की हत्या कर दी गई थी। उस वक्त पाटीदारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। अजीत कुमार अपने भाई की हत्या के मामले में मुख्य गवाह थे और उन पर गवाही न देने का दबाव बनाया जा रहा था।
शनिवार को ही इस जमीनी विवाद को लेकर दोनों पक्षों को राजस्व अधिकारी के पास जाना था। जमीन की मापी और कागजातों की जांच को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारी थी। दोनों पक्षों को वहां बुलाया गया था। लेकिन इस प्रशासनिक सुनवाई से ठीक पहले शुक्रवार की देर रात अपराधियों ने इस खूनी वारदात को अंजाम दे दिया, ताकि मुख्य गवाह को रास्ते से हटाया जा सके। ऐसा घायल अजित का आरोप है।
घायल अजीत कुमार ने बताया कि वह अपने घर के दरवाजे पर सोए थे इसी बीच देर रात उनके पड़ोसी परिवार के 5 से 6 लड़के हथियार के साथ वहां पहुंचे, जिनसे जमीन का विवाद चल रहा है। इससे पहले कि अजीत कुछ समझ पाते, उन पड़ोसियों ने दरवाजे पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अजीत को निशाना बनाकर चार गोलियां मारी गईं। फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन दौड़े, तब तक आरोपित फरार हो चुके थे।
डॉक्टर अमृतांशु प्रांजल ने बताया कि अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर के अनुसार, शरीर के भीतर अभी भी एक गोली फंसी हुई है, जिसे निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आपसी जमीनी विवाद में यह गोलीबारी हुई है। इस परिवार में पूर्व में भी हत्या का मुकदमा दर्ज है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। घायल के प्रारंभिक बयानों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल घायल के तीन पड़ोसियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।


