* लोटा-पानी की पारंपरिक रस्म के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम, छात्रों ने दी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
* विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक दास ने दिया मंत्र, कहा – सफलता के साथ-साथ एक अच्छा इंसान बनना भी है जरूरी
* असफलता से घबराएं नहीं बल्कि उससे सीखें, शिक्षकों ने बढ़ाया नई चुनौतियों का सामना करने का हौसला
ब्यूरो
दुमका। सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका के स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग में सोमवार को सत्र 2024-26 के छात्र-छात्राओं के लिए एक भव्य और भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जहां एक ओर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मनोरंजक खेलों ने उमंग का माहौल बनाया, वहीं शिक्षकों के प्रेरणादायक शब्दों और पुरानी यादों ने सभी को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक ‘लोटा-पानी’ की रस्म के साथ हुआ, जिसने अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव का संदेश दिया। इसके बाद अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों और शिक्षकों का भव्य स्वागत किया गया। छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और विभिन्न खेलों में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विभाग का वातावरण आत्मीयता, उल्लास और खुशी से सराबोर रहा।
समारोह को संबोधित करते हुए वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार दास ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और विभाग में बिताया गया समय अब छात्रों की जिंदगी की सबसे खूबसूरत यादों का हिस्सा बनने जा रहा है। अब एक नए अध्याय की शुरुआत होने वाली है, जहां उन्हें कक्षा और किताबों की दुनिया से बाहर निकलकर असल जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना करना होगा। उन्होंने छात्रों को निरंतर सीखते रहने, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने तथा छोटों से स्नेह रखने की सीख दी। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जीवन में केवल सफल होना ही काफी नहीं है, बल्कि एक अच्छा और जिम्मेदार इंसान बनना सबसे अहम है।
कार्यक्रम में डॉ. बिनोद मुर्मू ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जीवन में आने वाली असफलताओं से कभी निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि उनसे सीख लेकर निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। कठिन परिश्रम, लगन और समर्पण ही वो चाबी है, जो सफलता के दरवाजे खोलती है। विभाग के अन्य शिक्षक डॉ. ज्ञान चंद, टीपू कुमार और अमृत होरो ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ हर मुश्किल को पार करने का मंत्र दिया।
इस खास मौके पर कई विद्यार्थियों ने भी मंच पर आकर अपने खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। उन्होंने शिक्षकों के उचित मार्गदर्शन और दोस्तों के साथ बिताए पलों को याद करते हुए विश्वविद्यालय परिवार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अन्नू, लीना, रोहित, सपना, संध्या, फिजा अफरीदी, रोजलीन, डेविड, रामलाल, अल्फ्रेड, दिनेश, राजू, जनार्दन, सौरव, ओजमा, प्राची, काजल, अंशु, शर्फा, नंदकिशोर, प्रशांत, श्रेया, इशिता, मनीष, मसीलाल, जुलियाना, प्रियंका और अजय समेत कई छात्रों की सक्रिय सहभागिता रही।
विदाई की इस बेला में छात्रों के चेहरों पर एक तरफ नए सफर पर निकलने का उत्साह चमक रहा था, तो दूसरी तरफ अपने विभाग और दोस्तों से बिछड़ने की भावनात्मक झलक भी साफ दिखाई दे रही थी। शिक्षकों की मंगलकामनाओं के साथ यह विदाई समारोह एक अमिट छाप छोड़ गया।


