रांची । अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर सतर्कता बढ़ा दी गयी है।एयरपोर्ट पर अफ्रीकी देशों से आनेवाले यात्रियों की विशेष स्वास्थ्य जांच की जायेगी। इसके लिए टर्मिनल बिल्डिंग के आगमन हॉल में विशेष जांच कक्ष बनाया गया है। वहीं, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टर्मिनल भवन के बाहर एंबुलेंस भी तैनात रहेगी।सिविल सर्जन प्रभात कुमार ने कहा कि जिन यात्रियों में इबोला के संदिग्ध लक्षण मिलेंगे, उन्हें 21 दिनों तक क्वारंटीन में रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट प्रबंधन, विभिन्न एयरलाइंस के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा सीआइएसएफ जवानों के साथ बैठक की गयी है। बैठक में इबोला संक्रमण से बचाव और सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा की गयी।
बैठक के बाद एयरपोर्ट से जुड़े कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। सिविल सर्जन ने कहा कि इबोला को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन, एहतियात जरूरी है। उन्होंने बताया कि अफ्रीकी देशों कोंबो, युगांडा और सूडान में इस बीमारी के लक्षण मिले हैं. भारत में अभी तक इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।सिविल सर्जन ने बताया कि इबोला एक गंभीर और संक्रामक बीमारी है। यह संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैल सकती है। समय पर पहचान और सावधानी बेहद जरूरी है।
संक्रमण के दो से 21 दिनों के भीतर इयके लक्षण दिखायी दे सकते हैं।सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी और थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, गले में खराश, उल्टी और दस्त, पेट दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते व गंभीर स्थिति में शरीर के अंदर या बाहर रक्तस्राव।सिविल सर्जन ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, लार, उल्टी या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से, संक्रमित जानवरों के संपर्क से, संक्रमित कपड़े, बिस्तर या मेडिकल उपकरण छूने से यह फैलता है।यह बीमारी सामान्य हवा से फैलने वाली नहीं मानी जाती है।


