नई दिल्ली । एशिया के कई हिस्सों में शुक्रवार सुबह और गुरुवार देर रात आए शक्तिशाली भूकंप के झटकों ने भारी तबाही मचाई है। तिब्बत में आए 7 तीव्रता के भीषण भूकंप के कारण कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 54 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भी शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इन देशों में अलग-अलग समय पर भूकंप के झटके महसूस किए गए।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, गुरुवार देर रात स्थानीय समयानुसार 10:33 बजे तिब्बत में 7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसका केंद्र नागचू शहर से 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में जमीन से लगभग 18 किलोमीटर नीचे था। चीनी मीडिया के मुताबिक, यह पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र का सबसे बड़ा भूकंप है, जिसके बाद 4.3 से 5.2 तीव्रता के सात से अधिक झटके (आफ्टरशॉक्स) दर्ज किए गए।
इस आपदा से उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। यहाँ 339 से अधिक मकान और पशुओं के 20 बाड़े ढह गए हैं। चट्टानें खिसककर सड़कों पर आ जाने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-317 को बंद करना पड़ा है, जिस पर फिलहाल केवल आपातकालीन वाहनों की आवाजाही की अनुमति है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रभावित क्षेत्र में बर्फबारी की संभावना है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ सकती है।
1,600 से अधिक कर्मी राहत कार्य में जुटे
आपदा की गंभीरता को देखते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्यापक स्तर पर बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित इलाकों में 1,600 से ज्यादा राहत कर्मियों को तैनात किया गया है। पीड़ितों की सहायता के लिए 1,000 प्रीफैब्रिकेटेड आवास इकाइयां, लगभग 3,000 तंबू, फोल्डिंग बेड और गर्म कपड़े पहुँचाए गए हैं। इसके अलावा, संचार व्यवस्था बाधित होने और सुरक्षा कारणों से रेल सेवाओं को भी अस्थायी रूप से नियंत्रित किया गया है।
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन में भी कांपी धरती
तिब्बत के अलावा शुक्रवार सुबह अन्य पड़ोसी देशों में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार पाकिस्तान में भारतीय समयानुसार सुबह 4:56 बजे 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। वहीं अफगानिस्तान में सुबह 5:54 बजे 4.1 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। जबकि चीन में सुबह 6:05 बजे 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
इन तीनों देशों में सुबह आए इन झटकों से फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जानमाल के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन अचानक आए इन भूकंपों के कारण नागरिकों में अफरातफरी का माहौल जरूर बन गया। प्रशासनिक एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।


