दुमका : देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की खातिर अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसकर्मियों की याद में बुधवार को पुलिस केंद्र दुमका में ‘पुलिस संस्मरण दिवस’ अत्यंत गरिमा और भावपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर दुमका के पुलिस अधीक्षक श्री पीतांबर सिंह खेरवार ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर देश भर के अमर पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को अपनी गहरी श्रद्धांजलि दी।
समारोह में उपस्थित पुलिस बल को संबोधित करते हुए एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डीएसपी करम सिंह और उनके 20 बहादुर जवानों ने चीनी सेना का डटकर मुकाबला किया था। मातृभूमि की रक्षा करते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए थे। उन्हीं शूरवीरों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए पूरा देश हर साल यह दिन संस्मरण दिवस के रूप में मनाता है।
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आंतरिक सुरक्षा और सीमा रक्षा में प्राण गंवाने वालों का हुआ जिक्र
शहीदों का ब्यौरा साझा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कुल 154 पुलिस पदाधिकारी और जवान ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हैं। इनमें सबसे अधिक शहादत बीएसएफ (25) और बिहार पुलिस (12) की रही, जबकि आईटीबीपी, जम्मू-कश्मीर, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ सहित अन्य राज्यों के वीर सपूतों ने भी देश के लिए जान कुर्बान की।
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झारखंड के तीन लाल को विशेष नमन
इस मौके पर झारखंड पुलिस के उन तीन शूरवीरों को विशेष तौर पर याद किया गया, जिन्होंने बीते एक वर्ष में कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर किए। एसपी ने पुलिस अवर निरीक्षक हेमंत भगत, आरक्षी सुनील राम और आरक्षी संतन कुमार मेहता के बलिदान का जिक्र करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के अंत में दुमका जिला बल के उन आठ पूर्व शहीद पुलिसकर्मियों को भी नमन किया गया, जिन्होंने अतीत में जिले की शांति और सुरक्षा के लिए अपनी शहादत दी थी। इस दौरान पूरा पुलिस केंद्र शहीदों की याद में भावुक नजर आया और उपस्थित सभी पदाधिकारियों व जवानों ने देश सेवा के प्रति अपने संकल्प को एक बार फिर से दोहराया।
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