जामताड़ा : पारिवारिक पार्टी झामुमो छोड़कर भाजपा में शामिल हुई वरिष्ठ नेत्री सीता सोरेन ने रविवार देर रात को सदर प्रखंड स्थित चेंगाईडीह गाँव पहुंचकर एक जन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जामताड़ा विधानसभा, जिसका प्रतिनिधित्व एक डॉक्टर उतराधिकारी विधायक करते हैं आज बुनियादी सुविधाओं से भी महरूम है। यह विडंबना ही है कि क्षेत्र के विधायक स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं फिर भी यहां की स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बदतर स्थिति में है। यह क्षेत्र, जो अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है, उन्हीं समुदायों की समस्याओं के केंद्र में है। जामताड़ा की जनता को आज जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वे यह सवाल उठाती हैं कि आखिर क्यों इस विधानसभा को विकास से वंचित रखा गया है। जामताड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अत्यंत खराब है। ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं न के बराबर हैं और शहर में भी अस्पतालों की हालत जर्जर है। इलाज के लिए जरूरी उपकरणों की कमी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति आम बात हो गई है। मरीजों को बुनियादी इलाज के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि डॉक्टर विधायक के क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं सबसे अधिक बदहाल क्यों हैं। शिक्षा के मामले में भी जामताड़ा की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां के सरकारी स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही मूलभूत सुविधाएं। शहर के स्कूलों की स्थिति इतनी खराब है कि अभिभावक अपने बच्चों को इन स्कूलों में भेजने से कतराते हैं। शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं और जो मौजूद हैं, वे पर्याप्त शिक्षण सामग्री के अभाव में पढ़ाने में असमर्थ हैं। इस विधानसभा में शिक्षा का अभाव एक बड़ा कारण है कि लोग गरीबी और पिछड़ेपन से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र, जो छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण और देखभाल के लिए हैं, अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। आवश्यक पोषण और देखभाल की कमी के कारण बच्चों और महिलाओं का स्वास्थ्य खतरे में है। वृद्धा पेंशन योजना की स्थिति भी बेहद खराब है। बुजुर्गों को समय पर पेंशन नहीं मिलती और उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनकी स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। जामताड़ा की जनता को अब इन समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होना होगा और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी। बेहतर नेतृत्व और जवाबदेही की मांग ही इस बीमार विधानसभा को स्वस्थ और प्रगति की राह पर ले जा सकती है। मोके पर पंचायत समिति सदस्य इमरान अंसारी समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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