देवघर संताल एक्सप्रेस:-अखिल भारतीय मनरेगा श्रमिकों द्वारा किए गए हड़ताल के आह्वान के तहत पलाजोरी प्रखंड के पहरुडीह पंचायत स्थित असना मोड़ के पास सलमा बीवी एवं सबीजन बीवी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में पुरुष एवं महिला मनरेगा श्रमिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को देवघर जिला इंटक ने अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की श्रमिक नीति श्रमिक विरोधी है और यह श्रमिकों को छलने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल केवल मजदूरी बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि श्रमिकों के रोजगार के अधिकार को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने मांग की कि बीवी ग्राम (जी) एक्ट वापस लिया जाए, 200 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाए, न्यूनतम मजदूरी 700 रुपये प्रतिदिन की जाए, ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया जाए तथा वर्ष में दो बार मजदूरी का संशोधन किया जाए।
देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा ने कहा कि 12 फरवरी 2026 की आम हड़ताल में भी मनरेगा को मजबूत करने और नए कानूनों के विरोध की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी। उन्होंने चेहरे की पहचान आधारित उपस्थिति प्रणाली और तकनीकी भुगतान व्यवस्था को बंद करने की मांग की, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में श्रमिक योजना से बाहर हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने मनरेगा कार्यों के क्रियान्वयन में ग्राम सभाओं को मुख्य हितधारक के रूप में सशक्त बनाने पर जोर दिया। देवघर जिला इंटक की कार्यकारिणी सदस्य प्रमिला देवी ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण रोजगार की कानूनी गारंटी देने वाली मनरेगा योजना कमजोर हो रही है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहीं सलमा बीवी एवं सबीजन बीवी ने हड़ताल को समर्थन देने और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए देवघर जिला इंटक का आभार व्यक्त किया।
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