जामताड़ा। नाबालिग लड़की के अपहरण और यौन शोषण से जुड़े मामले में जामताड़ा की अदालत ने सोमवार को मंथन मुर्मू को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने अंतिम सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। पॉक्सो एक्ट की धारा 6 एवं 5(1) के तहत दोषी को 20 वर्ष की सजा के साथ 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 3 के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। अर्थदंड नहीं देने पर चार माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 96 के तहत भी अदालत ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोषसिद्धि की। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में मामले की चर्चा रही।


