नई दिल्ली । शराब और कुछ दवाओं का एक साथ सेवन शरीर के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। खासतौर पर लिवर पर इसका अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी दवा को शराब के साथ लेना सुरक्षित है या नहीं, यह दवा के प्रकार, उसकी मात्रा और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ के अनुसार, शराब का मेटाबॉलिज्म मुख्य रूप से लिवर में होता है और कई दवाओं को भी लिवर ही प्रोसेस करता है। ऐसे में दोनों पदार्थ एक साथ शरीर में पहुंचने पर दवाओं के प्रभाव में बदलाव हो सकता है। कुछ मामलों में दवा का असर बढ़ सकता है, जबकि कुछ स्थितियों में शरीर में दवा का स्तर बढ़ने से दुष्प्रभाव का खतरा बढ़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप चक्कर, मतली, उल्टी, अत्यधिक नींद या अन्य गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। दर्द और बुखार में इस्तेमाल होने वाली पैरासिटामोल जैसी दवाओं को भी शराब के साथ लेने को लेकर सावधानी जरूरी है। विशेष रूप से ज्यादा मात्रा में या बार-बार पैरासिटामोल लेने और शराब का सेवन करने से लिवर पर गंभीर दबाव पड़ सकता है। वहीं ऑक्सीकोडोन जैसी कुछ शक्तिशाली दर्द निवारक दवाओं के साथ शराब लेने पर अत्यधिक नींद और सांस धीमी पड़ने जैसी गंभीर समस्या का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए शराब के बाद दर्द की दवा अपनी मर्जी से लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
ब्लड प्रेशर और मधुमेह की दवाएं लेने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। शराब कुछ परिस्थितियों में रक्तचाप को कम कर सकती है, जिससे चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है। वहीं कुछ मधुमेह की दवाओं के साथ शराब लेने पर रक्त शर्करा का स्तर बहुत कम होने का जोखिम बढ़ सकता है। बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों में यह स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शराब की मात्रा और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति दोनों महत्वपूर्ण हैं। जो लोग नियमित रूप से किसी बीमारी की दवा लेते हैं, उन्हें शराब के सेवन से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। किसी दवा के पैकेट पर दी गई चेतावनी और निर्देशों को भी ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
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