रांची । जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के दौरान शुक्रवार को रांची में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की के चलते छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह के बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इधर, अस्पताल के बाहर जुटे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं कुणाल सिंह के अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र सदर अस्पताल पहुंच गए। छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अस्पताल के गेट पर ताला लगा दिया। छात्रों के अंदर जाने के प्रयास के बाद पुलिस ने उन्हें परिसर से हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान कुछ छात्रों को हिरासत में लिए जाने की भी सूचना है।घटना के बाद सदर अस्पताल और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। अस्पताल के बाहर छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद के बाद सदर अस्पताल परिसर में फिलहाल माहौल शांत है।
प्रशासन की कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : नवीन
छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी के बाद उनसे मिलने के लिए भाजपा के हटिया विधायक नवीन जायसवाल और वरुण साहू सदर अस्पताल पहुंचे। नवीन जायसवाल ने कहा कि छात्र पिछले 26 दिनों से पूरे संयम के साथ आंदोलन कर रहे थे। सरकार के साथ वार्ता के बाद परीक्षा रद्द करने की जो स्थिति बनी, उसे छात्र पहले से ही सरकार की सोची-समझी साजिश मान रहे थे और दो दिनों के भीतर इसका पर्दाफाश भी हो गया। उन्होंने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के खिलाफ मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। इसी दौरान जिस तरह से लाठीचार्ज, मारपीट और प्रशासन की कार्रवाई सामने आई, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। विधायक ने कहा कि झारखंड के युवाओं के धैर्य की परीक्षा सरकार न ले। जब-जब युवा आंदोलित होते हैं, निश्चित तौर पर संघर्ष और बढ़ता है। उन्होंने कहा कि पूरे आंदोलन के दौरान छात्रों ने जिस तरह संयम बनाए रखा, उसकी पूरे देश में सराहना हुई है। नवीन जायसवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मशाल जुलूस और सरकार के खिलाफ पुतला दहन किया जा रहा था, लेकिन इसके जवाब में लाठीचार्ज और मारपीट की कार्रवाई सामने आना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि स्थिति नहीं संभली तो आने वाले समय में झारखंड के युवा और बड़े स्तर पर सड़क पर उतर सकते हैं।
वहीं, झामुमो नेता तालकेश्वर महतो भी उस व्यक्ति का इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे, जिसके साथ प्रदर्शन के दौरान विवाद हुआ था। मीडिया ने जब उनसे इस मामले को लेकर सवाल किया तो वे सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। जानकारी के अनुसार, छात्र बापू वाटिका से रैली निकालकर अल्बर्ट एक्का चौक होते हुए शहीद चौक की ओर जा रहे थे। छात्रों के पास मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला था। पुतला दहन को लेकर विवाद के दौरान छात्रों और कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की हुई। छात्रों ने आरोप लगाया कि एक छात्रा के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। घटना के बाद कुणाल प्रताप सिंह कथित तौर पर कुछ युवकों का पीछा करने लगे। इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच भी धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। इसके बाद कचहरी चौक के पास कुणाल सिंह के बेहोश होने की सूचना मिली, जिसके बाद उन्हें ई-रिक्शा से सदर अस्पताल ले जाया गया। उनके साथ रविंद्र और अमित नाम के छात्रों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।


