दुमका । ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अब अपने जाति और निवासी प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए प्रखंड या अंचल कार्यालयों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर जिले में अबुआ जाति-निवासी प्रमाण-पत्र अभियान की शुरुआत की गई है। शनिवार को दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने मसलिया प्रखंड की हारोरायडीह पंचायत भवन में शनिवार को आयोजित विशेष शिविर का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया। शिविर में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को उनके पंचायत स्तर पर ही जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराना है। इससे आमजन का समय बचेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों, शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन व प्रतियोगी परीक्षाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि आज से लेकर 20 जून तक जिले की लगभग सभी पंचायतों में दो-दो स्थानों पर तिथिवार विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे भारी संख्या में इन शिविरों में पहुंचकर अपने और अपने परिवार के पात्र सदस्यों के आवेदन जमा करें। उद्घाटन कार्यक्रम के बाद उपायुक्त ने पंचायत सचिवालय का बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने वहां जाति और निवासी प्रमाण-पत्र के लिए आए आवेदनों और दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को देखा। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मियों को कड़े निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी आवेदनों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर होना चाहिए। दस्तावेजों का सत्यापन पूरी पारदर्शिता और गंभीरता से किया जाए ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को प्रमाण-पत्र मिलने में देरी न हो। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त पंचायत सचिवालय में स्थित ज्ञान केंद्र भी पहुंचे। उन्होंने पंचायत सचिव को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए यहां पढ़ाई का बेहतर माहौल तैयार किया जाए। केंद्र में आवश्यक पुस्तकों और अध्ययन सामग्री की उपलब्धता हमेशा बनी रहनी चाहिए ताकि स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उपायुक्त ने पंचायत सचिवालय में मौजूद महिलाओं और अन्य ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने गांव में पेयजल, राशन वितरण, पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का हाल जाना। ग्रामीणों ने इन सुविधाओं को लेकर संतोषजनक फीडबैक दिया। उपायुक्त ने लोगों को जागरूक बनते हुए सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उपायुक्त ने मसलिया प्रखंड कार्यालय का रुख किया। वहां पहुंचे फरियादियों से बातचीत कर उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता के काम त्वरित गति से किए जाएं, ताकि किसी को भी एक ही काम के लिए बार-बार दफ्तर न आना पड़े। प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में उन्होंने विभिन्न विभागों की फाइलों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, चापानल व जलमीनार कंट्रोल रूम, राशन वितरण और किसानों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी अभिलेखों को दुरुस्त रखने और कार्यालय के कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने की हिदायत दी।


