पटना । बिहार में नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र में स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास की तीन मंजिला इमारत से बुधवार रात एक सेकंड ईयर सिविल ब्रांच की छात्रा ने आत्महत्या कर ली है। साथी छात्रों का कहना है कि रैगिंग से परेशान होकर छात्रा ने यह कदम उठाया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद छात्रावास में हड़कंप मच गया। गोपालगंज की रहने वाली मृतका सोनम की रूममेट शिखा खून से लथपथ शव देखकर सदमे में आ गई और बेहोश हो गई। उसे तुरंत चंडी रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत के कारण पटना रेफर कर दिया गया।
रूममेट शिखा ने बताया कि रात 9 बजे उसने छात्रा को खाना खाने के लिए कहा था, लेकिन उसने मना कर दिया और कहा कि उसने नमकीन खा लिया है।
रूममेट ने बताया कि खाना खाने के बाद जब वह कमरे में लौटी, तो छात्रा वहां नहीं थी। उसका लैपटॉप चालू था, लेकिन फोन कॉल का जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने छात्रावास के नीचे जाकर देखा, जहां छात्रा का शव खून से लथपथ पड़ा था। यह दृश्य देखकर वह स्तब्ध रह गई।
छात्राओं ने प्राचार्य पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घायल छात्रा को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए प्राचार्य ने अपना निजी वाहन उपलब्ध नहीं कराया, और एंबुलेंस के देर से पहुंचने के कारण स्थिति और बिगड़ गई। इस लापरवाही के कारण छात्रा की मौत हो गई, जिससे छात्रों का गुस्सा और भड़क गया। गुस्साए छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया और 4 कार और स्कूटी में आग लगा दी। कॉलेज से लेकर चंडी रेफरल अस्पताल तक हंगामा चलता रहा। चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन रैगिंग की शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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