रांची । संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2025 (14वीं जेपीएससी) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार ने अहम निर्णय लिया है। विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में घोषणा की कि उम्र सीमा में छूट की गणना अब वर्ष 2026 के बजाय 2022 को आधार मानकर की जाएगी। घोषणा के साथ ही सदन में विधायकों ने मेज थपथपाकर फैसले का स्वागत किया। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद आवेदन की अंतिम तिथि भी बढ़ाई जा सकती है, क्योंकि पहले आयोग ने 20 फरवरी शाम 5 बजे तक ही आवेदन की समय-सीमा तय की थी। ज्ञात हो कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने 14वीं परीक्षा के लिए आयु सीमा की कट-ऑफ 2026 निर्धारित की थी।
इस फैसले से बड़ी संख्या में वे अभ्यर्थी अयोग्य हो गए थे, जो पूर्व की परीक्षाओं और नियमों के अनुसार पात्र थे। अभ्यर्थियों का कहना था कि 2016 और 2017 की परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा में छूट दी गई थी, वहीं 2021 की नियमावली में भी ऊपरी उम्र सीमा में राहत का प्रावधान था। ऐसे में 2026 को कट-ऑफ मानना अनुचित बताया जा रहा था। मामले को लेकर कई अभ्यर्थियों ने झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने अंतरिम आदेश में याचिकाकर्ताओं को फॉर्म भरने की अनुमति देते हुए जेपीएससी से जवाब मांगा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इन अभ्यर्थियों का परिणाम कोर्ट की अनुमति के बिना प्रकाशित नहीं किया जाएगा। अगली सुनवाई 1 अप्रैल को तय है।
प्रदीप यादन ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस विषय को सदन में उठाया था। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरकार की ओर से सकारात्मक पहल का संकेत दिया था। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब वे हजारों अभ्यर्थी राहत महसूस कर रहे हैं, जो केवल उम्र सीमा के कारण आवेदन से वंचित हो गए थे। घोषणा के बाद विधायक जयराम महतो ने कट-ऑफ वर्ष को 2020 से पहले तय करने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले 25 वर्षों में राज्य में केवल 13 सिविल सेवा परीक्षाएं हुई हैं, इसलिए मेधावी छात्रों के हित में और उदार निर्णय लिया जाना चाहिए।


