रिंग रोड मुआवजा जारी करने के बदले 5 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप, एसीबी ने जाल बिछाकर दबोचा
देवघर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी ने शुक्रवार को देवघर में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई रिंग रोड परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि के मुआवजे की राशि जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के मामले में की गई है। गिरफ्तार कर्मियों में बड़ा बाबू निरंजन कुमार और अनुसेवक नुनुदेव यादव शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, दोनों पर आरोप है कि वे मुआवजा राशि निर्गत करने के लिए लाभुक से कुल राशि का पांच प्रतिशत बतौर कमीशन की मांग कर रहे थे। एसीबी की टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही रिश्वत की रकम का लेनदेन हुआ, टीम ने दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। बरामद राशि भी जब्त कर ली गई है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक लाभुक ने एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी जमीन रिंग रोड परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी और नियमानुसार मिलने वाला मुआवजा जारी नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि संबंधित कर्मी लगातार भुगतान के बदले पैसों की मांग कर रहे थे और बिना कमीशन राशि दिए काम आगे नहीं बढ़ाने की बात कही जा रही थी।
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने कार्रवाई की योजना बनाई। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम ने छापेमारी कर दोनों कर्मियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद टीम दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए अपने साथ दुमका ले गई।
उल्लेखनीय है कि देवघर में रिंग रोड परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों को सरकार की ओर से नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाना है। ऐसे में मुआवजा प्रक्रिया में रिश्वतखोरी के आरोप ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसीबी की इस कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया, वहीं स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना रहा। विभागीय स्तर पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


