धनंजय हलदार
साहिबगंज– जिले के तीनपहाड़ उप डाकघर अंतर्गत आने वाला बड़ा दुर्गापुर शाखा डाकघर कई वर्षों से बंद रहने का मामला सामने आया है. सोमवार को डाकघर बंद रहने से ग्रामीणों को डाक संबंधी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है.स्थानीय ग्रामीणों ने डाकघर को जल्द चालू कराने की मांग की है. वहीं इस मामले ने डाक विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि डाकघर बंद रहने के कारण उन्हें चिट्ठी-पत्री भेजने, रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लोगों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए तीनपहाड़ डाकघर जाना पड़ता है. जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है. वही ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब इस स्थान पर कार्य कर रहे कर्मी है. तो वह इतने दिनों से कहां पर है. क्या विभाग से वे सैलरी नहीं उठाते हैं. या फिर वे लापता है. क्या वरीय पदाधिकारी को इसकी कोई जानकारी नहीं है या फिर विभागीय अधिकारी की लापरवाही है. वही यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बड़ा दुर्गापुर शाखा डाकघर कई वर्षों से बंद है. तो वहां नियुक्त विभागीय कर्मचारी कहां कार्यरत हैं. क्या संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है. यदि इस अवधि में कर्मचारियों को सरकारी वेतन का भुगतान किया जा रहा है तो उनके कार्यस्थल, उपस्थिति और जिम्मेदारियों की जांच की जानी चाहिए. ग्रामीणों का सवाल है कि क्या डाक विभाग के उच्चाधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी नहीं है. यदि जानकारी है तो अब तक डाकघर को चालू कराने और ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं. वहीं यदि विभाग को इसकी जानकारी नहीं है तो यह निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.ग्रामीणों की मांग है कि विभागीय अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच करें. और यह स्पष्ट करें कि शाखा डाकघर इतने लंबे समय से क्यों बंद है. वहां नियुक्त कर्मचारियों की क्या स्थिति है. तथा ग्रामीणों को डाक सेवाओं से वंचित क्यों रहना पड़ रहा है. सरकारी राशि से वेतन भुगतान होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्य निष्पादन का रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए.
तीनपहाड़ डाकघर में भी सुविधाओं की कमी का आरोप
राजमहल-ग्राहकों और खाताधारकों का आरोप है कि तीनपहाड़ डाकघर में भी कई जरूरी सेवाओं को लेकर परेशानी होती है. उनका कहना है कि यहां मुख्य रूप से चिट्ठियां आने का काम ही होता दिखाई देता है. जबकि रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट, खाता अपडेट कराने और पैसे की निकासी जैसी सेवाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. लोगों का कहना है कि डाकघर आम जनता की सुविधा के लिए संचालित किए जाते हैं. ऐसे में यदि जरूरी सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होती हैं तो ग्रामीणों और खाताधारकों को काफी परेशानी होती है. उन्होंने विभाग से सभी सेवाओं को सुचारू करने की मांग की है.
पत्रकार को जानकारी देने से भी किया इनकार
राजमहल-मामले की जानकारी लेने के लिए जब तीनपहाड़ डाकघर में संबंधित कर्मियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पत्रकारों को यहां से कोई जानकारी नहीं दी जा सकती और इसके लिए उच्चस्तरीय अधिकारी से बात करनी होगी.इस जवाब के बाद सवाल उठता है कि स्थानीय स्तर पर संचालित डाकघर की व्यवस्था और ग्रामीणों की समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए भी क्या केवल उच्चाधिकारियों पर निर्भर रहना पड़ेगा. यदि पत्रकारों को स्थानीय स्तर पर जानकारी नहीं दी जाती है तो आम खाताधारकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए किस तरह की सहायता मिलती होगी.


