विधायक सुरेश पासवान ने विधानसभा में उठाया पुनासी योजना का मुद्दा
संताल एक्सप्रेस संवाददाता
रांची । देवघर शहर में बढ़ते जल संकट और धीमी गति से चल रही जलापूर्ति योजनाओं को लेकर विधायक सुरेश पासवान ने विधानसभा में गंभीर चिंता जताई। उन्होंने 79 जलाशय (पुनासी परियोजना) से देवघर को पेयजल उपलब्ध कराने की योजना की प्रगति पर सवाल खड़े किए। सदन में विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि इस महत्वाकांक्षी योजना को वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। हालांकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब करीब 10 महीने ही शेष हैं। इस पर विधायक ने कहा कि वर्तमान कार्य गति को देखते हुए निर्धारित समयसीमा में योजना पूरी होती नहीं दिख रही है और इसमें कई साल अतिरिक्त लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि देवघर एक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पेयजल की समस्या बेहद गंभीर स्वरूप ले चुकी है और इसे प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाना चाहिए। सरकार की ओर से जवाब देते हुए आश्वासन दिया गया कि इस विषय पर उच्च स्तरीय बैठक की तैयारी चल रही है। वन विभाग से आवश्यक सहमति लेकर पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि परियोजना में आ रही बाधाएं दूर हों और कार्य में तेजी लाई जा सके। बजट सत्र के छठे दिन सदन में बजट पर जोरदार चर्चा हुई। चर्चा के दौरान विधायक सुरेश पासवान ने सरकार के बजट का समर्थन करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। सुरेश पासवान ने कहा कि वर्तमान सरकार गरीबों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और अति पिछड़ों की सरकार है। यही कारण है कि विपक्ष बौखलाया हुआ है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री के बजट भाषण ने विपक्ष की “नींद उड़ा दी” है। यह बजट पूरी तरह जनकल्याणकारी है और इससे भाजपा को राजनीतिक नुकसान का डर सता रहा है। विधायक ने आरोप लगाया कि विपक्ष हमेशा बड़े पूंजीपतियों के हितों की बात करता है, जबकि दलितों, आदिवासियों और किसानों की समस्याओं पर चुप्पी साध लेता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सुरेश पासवान ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों के आवास के लिए मिलने वाली राशि रोक दी गई। इसके बाद राज्य सरकार ने अबुआ आवास योजना शुरू की, ताकि हर गरीब परिवार को पक्का घर मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार अपने संसाधनों से योजनाएं चला रही है और किसी भी सूरत में गरीबों के हक से समझौता नहीं किया जाएगा।
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विधायक उदय शंकर सिंह ने चापाकलों की मरम्मत का गंभीर मुद्दा उठाया
रांची । झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सारठ विधायक उदय शंकर सिंह ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से राज्यभर में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत का गंभीर मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में चापाकल खराब हैं, जिससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल की समस्या सिर्फ सारठ में नहीं, बल्कि पूरे राज्य में है। पेयजल की व्यवस्था कैसे होगी, सरकार की कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। इस पर जल संसाधन विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को आश्वस्त किया कि विभाग ने सभी खराब चापाकलों की मरम्मत के लिए पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है, ताकि नागरिक सीधे विभाग से संपर्क कर सकें। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने भी गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तापमान बढऩे के साथ पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है, इसलिए मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। सदन में इस मुद्दे पर सहमति जताते हुए विधायक और अध्यक्ष दोनों ने निर्देश दिया कि चापाकलों की मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
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हेमलाल मुर्मू ने उठाई हिरणपुर में महिला महाविद्यालय स्थापना की मांग
रांची । झारखंड विधानसभा के चालू सत्र के दौरान लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने अपने क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग को सदन में मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में एक भी महिला महाविद्यालय नहीं है, जिससे ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल इलाकों की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है। विधायक ने सदन को अवगत कराया कि दूरी, आर्थिक कमजोरी और संसाधनों के अभाव के कारण कई छात्राएं इंटर के बाद आगे की पढ़ाई छोडऩे को मजबूर हो जाती हैं। यह स्थिति महिला सशक्तिकरण की दिशा में गंभीर बाधा है। हेमलाल मुर्मू ने बताया कि हिरणपुर प्रखंड में महिला महाविद्यालय के निर्माण हेतु पर्याप्त एवं उपयुक्त भूमि उपलब्ध है। यदि सरकार शीघ्र स्वीकृति दे और बजट का प्रावधान करे, तो हजारों बेटियों को उच्च शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि हिरणपुर प्रखंड में अविलंब महिला महाविद्यालय की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की जाए तथा निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। विधायक ने कहा कि “बेटियों की शिक्षा ही क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की नींव है। सरकार को इस दिशा में संवेदनशील निर्णय लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।” क्षेत्रवासियों में इस मांग को लेकर उम्मीद जगी है कि सरकार सकारात्मक पहल कर जल्द ही इस दिशा में निर्णय लेगी।
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विधायक एमटी राजा ने उठाया राजमहल व उधवा में पानी की किल्लत का मामला
रांची । राजमहल विधानसभा क्षेत्र के राजमहल एवं उधवा प्रखंड क्षेत्र के वैसे इलाके जो गर्मी के दस्तक देते ही ड्राई जोन हो जाती है और लोगों को पानी की किल्लत की समस्या से जूझना पड़ता है के मामले को प्रमुखता से सदन में रखते हुए तारांकित प्रश्न के माध्यम से राजमहल विधायक मो ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा जी ने कहा की ऐसे इलाके में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग सर्वे कराकर पानी की किल्लत को दूर करने का कार्य करें. उन्होंने कहा कि कई ऐसे इलाके हैं जहां सामान्य बोरिंग सफल नहीं है और लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी होती है. वैसे जगह पर उच्च स्तरीय बोरिंग की व्यवस्था गर्मी के पूर्व विभाग करें. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के माध्यम से विधायक के इस मांग को स्वीकार करते हुए कहा गया है कि बोरिंग का कार्य क्षेत्र में क्रियान्वयन किया जा रहा है जिन इलाकों में उच्च स्तरीय बोरिंग की आवश्यकता है. वहां पर कलस्टर अनुसार सर्वे कराकर कार्य क्रियान्वयन कराया जाएगा. राजमहल- राजमहल विधायक मो ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा ने झारखंड से पश्चिम बंगाल गंगा नदी पर राजमहल मानिकचक फेरी सेवा को साहिबगंज मनिहारी के तर्ज पर एक वर्ष बंगाल एक वर्ष झारखंड करने का प्रस्ताव सदन में रखें. उन्होंने सदन को अवगत कराया की झारखंड में बंदोबस्ती नहीं होने के कारण राजस्व की क्षति होती है. ऐसे में झारखंड में भी बंदोबस्ती की दिशा में सरकार पहल करें. झारखंड सरकार की राजस्व विभाग ने विधायक के प्रश्न पर दिए गए उत्तर में स्वीकार किया है कि बंदोबस्ती नहीं होने से राजस्व की क्षति होती है. संयुक्त बिहार के समय संबंधित सचिव के माध्यम से यह अधिकार पश्चिम बंगाल को दिया गया है और एक न्यायालय में निर्णय के अनुसार वर्तमान में संचालित है.


