दुमका। समाहरणालय सभागार में डीसी अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में शनिवार को शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, शैक्षणिक गुणवत्ता और स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई। डीसी ने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने, शैक्षणिक स्तर में सुधार करने और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों को कई कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान सहित जिले के तमाम संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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कम उपस्थिति पर सख्त रुख और स्पष्टीकरण का आदेश
बैठक के दौरान स्कूलों में छात्रों की औसत उपस्थिति (एवरेज स्टूडेंट अटेंडेंस) कम पाए जाने पर डीसी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने जामा, रामगढ़ और जरमुंडी के बीपीओ तथा संबंधित अधिकारियों से इस लापरवाही पर स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके साथ ही, जिन स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति कम पाई गई है, वहां के संबंधित शिक्षकों से भी जवाब मांगा गया है। डीसी ने निर्देश दिया कि कम उपस्थिति वाले विद्यालयों का अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करें और स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएं।
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मैट्रिक परीक्षा के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
डीसी ने मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होने वाले नियमित विद्यार्थियों की उपस्थिति पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र इस शर्त को पूरा नहीं करता है, तो वह परीक्षा से वंचित हो सकता है। उन्होंने विद्यालय स्तर पर छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और इस संबंध में अभिभावकों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया।
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रसोइयों के मानदेय का समय पर भुगतान और मध्याह्न भोजन की जांच
मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए डीसी ने कहा कि स्कूलों में कार्यरत रसोइयों के मानदेय का नियमित भुगतान होना चाहिए। यदि बजट या आवंटन की कमी के कारण भुगतान रुका है, तो अधिकारी तुरंत पत्राचार कर राशि मंगाएं। उन्होंने बीआरपी और सीआरपी को निर्देश दिया कि वे लगातार स्कूलों का दौरा कर मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था की जांच करें। भोजन की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी मिलने पर तुरंत रिपोर्ट करने को कहा गया है ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके।
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स्मार्ट क्लास, जर्जर भवन और मॉडल प्रश्न पत्र पर निर्देश
बैठक में बंद या खराब पड़े स्मार्ट क्लासरूम को चिह्नित कर उन्हें जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए गए। जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत के लिए डीसी ने प्रधानाध्यापकों के साथ मिलकर एक सूची तैयार करने को कहा, ताकि प्रखंड विकास पदाधिकारी या स्थानीय मुखिया के सहयोग से छोटे-मोटे मरम्मत कार्य तुरंत कराए जा सकें। इसके अलावा दीप प्रोजेक्ट और स्कूलों की चहारदीवारी के निर्माण कार्य को भी जल्द पूरा करने के लिए कहा गया। परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए बीईओ, बीआरपी और सीआरपी को आपसी तालमेल बनाकर हर एक विद्यार्थी तक मॉडल क्वेश्चन पेपर पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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स्वास्थ्य जांच शिविर और स्पोकन इंग्लिश की तारीफ
डीसी ने स्कूलों में नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कैंप लगाने और बच्चों को आयरन की गोलियां बांटने का निर्देश दिया। बैठक में मौजूद बच्चों ने बताया कि उनके स्कूलों में स्वास्थ्य जांच की जा रही है। छात्रों ने स्पोकन इंग्लिश कार्यक्रम को लेकर अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इससे उनका अंग्रेजी बोलने का डर दूर हुआ है और आत्मविश्वास बढ़ा है। बैठक के अंत में डीसी ने स्पोकन इंग्लिश में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
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छात्रों के रचनात्मक प्रयास की सराहना
इस बैठक के दौरान एक खास पल तब आया जब राजकीय शास्त्री स्मारक माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपने हाथों से बनाई गई ‘प्रकृति सुगंध’ नामक अगरबत्ती डीसी को भेंट की। डीसी ने बच्चों के इस हुनर और रचनात्मक प्रयास की जमकर सराहना की। वहीं, जेसोवा द्वारा संचालित पुस्तकालय की बेहतर मॉनिटरिंग का भी फैसला लिया गया ताकि वहां पढ़ाई करने वाले छात्रों को सभी जरूरी सुविधाएं मिलती रहें।



