96 वर्ष से हो रही गुल्ली भट्ठा में मां बम काली की पूजा-अर्चना
अमित सिंह

साहिबगंज- अपनी भव्यता व आस्था के लिए प्रसिद्ध साहिबगंज के गुल्लीभट्ठा स्थित मां बम काली की प्रतिमा ,मेला व विसर्जन शोभा यात्रा सिर्फ साहिबगंज ही नही बल्कि संताल परगना में मशहूर है.कारण यह है कि बम काली मंदिर लोगों के लिए अपनी प्रारम्भिक अवस्था से ही आस्था का केंद्र बना रहा है.बम काली मंदिर में
सन् 1930 ई. से काली मां की पूजा-अर्चना होती आ रही है. यहां मां बम काली की 15 फीट ऊंची व भव्य प्रतिमा का दर्शन व पूजन करने के लिए साहिबगंज जिले के अलावे बिहार व पच्छिम बंगाल के श्रद्धालु आते हैं.मिली जानकारी के अनुसार बम काली की पूजनोत्सव की तैयारी लगभग एक माह पूर्व से ही प्रारंभ हो जाती है.हरेक वर्ष का तरह इस वर्ष भी बम काली की भव्य प्रतिमा का निर्माण साहिबगंज के मुर्तिकार नंदन पाल के द्वारा की जा रही है. साथ ही आकर्षक विद्युत सज्जा व पंडाल का निर्माण कार्य जारी है.
भक्तों की मन्नतें पूरी करती है मां बम काली
साहिबगंज- नगर के गुल्लीभट्ठा मुहल्ला स्थित बम काली मंदिर जागृत स्थान है. बम काली के दरबार में भक्तों की मन्नतें पूरी होती है.यही कारण है कि बम काली के प्रति लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है.काली पूजा के अलावे आम दिनों में भी लोग दूर दूर से यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं. और अपनी मन्नतें पूरी होने पर लोग पाठा चढ़ाते है.बताते चले कि साल के प्रत्येक अमावस्या के दिन पूजा समिति के द्वारा मां बम काली का पूजन व भोग का वितरण किया जाता है.
हाइडा से होता है बम काली प्रतिमा का विसर्जन
साहिबगंज – बम काली प्रतिमा का विसर्जन यात्रा सुबह 11 बजे मंदिर परिसर से निकलती है.पुरे नगर का भ्रमण करने में लगभग 12 घंटे का समय लगता है.बम काली की प्रतिमा की भव्यता का अनुमान ऐसे लगाया जा सकता है कि विसर्जन के लिए प्रतिमा को उनके वाहन पर चढ़ाने के लिए खास इंतजाम व कड़ी मेहनत पूजा समिति के लोगों को करना पड़ता है.नगर भ्रमण के बाद बम काली की प्रतिमा का विसर्जन क्रेन के माध्यम से की जाती है. बम काली पूजा समिति की ओर से भव्य तरीके से इस साल भी पूजा की तैयारी की जा रही है. पूजा आयोजन पर करीब आठ से दस लाख से अधिक खर्च होने का अनुमान है.काली पूजा को लेकर विशाल पंडाल व सजावट के अलावा बिजली लाइटिंग आकर्षक होता है. पंडाल निर्माण, प्रतिमा निर्माण का काम चल रहा है.पूजा समिति के पदाधिकारी कहते हैं कि इस साल भी भव्य आयोजन करने की पूरी तैयारी है. पंडाल, सजावट, लाईटिंग सभी कुछ अलग रहेगा. इस पर काम शुरू हो गया है. बम काली पूजा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के बीच भोग वितरण किया जाता है. दो तीन दिनों तक यहां मेला सा नजारा रहता है. जुलूस में आखाड़ा के साथ करीब चार दर्जन से अधिक वाहन, डीजे, ढोल, ढाक आदि शामिल रहता है. इसका जुलूस एक से डेढ़ किमी. लंबा होता है. विसर्जन जुलूस के दौरान बम काली का शहर में कई स्थानों पर आरती कर स्वागत किया जाता है.बम काली विसर्जन जुलूस की बड़ी खासियत है कि प्रतिमा वाले वाहन को लोग रस्सा के सहारे खींच कर ले जाते हैं.कुल मिलाकर कहे तो बम काली का पूजनोत्सव व प्रतिमा विसर्जन यात्रा साहिबगंज ही नही पुरे संताल परगना में मशहूर है.



