रांची । राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार मोरहाबादी स्थित आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता दिवंगत रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मौके पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शोकाकुल मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं उनके परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपूरणीय एवं विकट दुःख को सहन करने की शक्ति, धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की दिवंगत मां रूपी सोरेन को गुरुवार को मोरहाबादी स्थित आवास पर राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों, पूर्व मुख्यमंत्रियों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि दी।मंत्री चमरा लिंडा और दीपिका पांडेय सिंह, सांसद विजय हांसदा और ढुल्लू महतो, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और चम्पाई सोरेन तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो सहित अन्य लोगों ने रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए।
इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार एवं विकट दुःख को सहन करने की शक्ति और धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के साथ रांची के मोरहाबादी स्थित आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता एवं शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर साहू ने कहा कि रूपी सोरेन का निधन अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। यह सोरेन परिवार सहित पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस घड़ी में भाजपा शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोक संतप्त सोरेन परिवार को इस कठिन समय में दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
बाबूलाल मरांडी ने रूपी सोरेन के निधन पर जताया गहरा शोक
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रूपी सोरेन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि रूपी सोरेन के निधन की खबर बेहद दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल सोरेन परिवार को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। गिरिडीह में मरांडी ने कहा कि सोरेन परिवार पर हालिया दिनों में दो बड़े दुख का पहाड़ टूटा है। पहले दिशोम गुरु शिबू सोरेन का स्वर्गवास और अब रूपी सोरेन का निधन, यह काफी दुखद और अपूरणीय क्षति है। इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ है। उन्होंने कहा कि यूं तो उनके साथ मुलाकात की कोई विशेष स्मृति याद नहीं है, क्योंकि अक्सर पारिवारिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में दिवंगत शिबू सोरेन, दिवंगत दुर्गा सोरेन और हेमंत सोरेन से ही बातचीत होती रही। 1999 के लोकसभा चुनाव में वे हमारे खिलाफ चुनाव लड़ी थीं।


