बेंगलुरु । 15 साल के आक्रामक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की उपकप्तानी करते हुए रन बनाने में तो असफल रहे पर गेंदबाजी करते हुए एक ही ओवर में दो-दो विकेट लेकर उन्होंने अपनी क्षमताएं दिखायी हैं। वैभव ने शानदार स्पिन गेंदबाजी करते हुए नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ एक ही ओवर में दो-दो विकेट ले लिये।
बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में पूर्वी क्षेत्र और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के बीच चल रहे इस रोमांचक मुकाबले में वैभव का जादू 28वें ओवर में चला। इस ओवर की दूसरी गेंद पर वैभव ने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के बल्लेबाज लिंगदोह को एक बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में सर्कल के भीतर ही कैच आउट करवाया। अभी विपक्षी टीम इस झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि वैभव ने इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर, नए बल्लेबाज लेमतूर को विकेटकीपर ईशान किशन के हाथों कैच आउट करवाकर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। एक ही ओवर में दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल करने के बाद वैभव सूर्यवंशी का उत्साह देखने लायक था। उनका यह प्रदर्शन न केवल विरोधी टीम पर दबाव बनाने वाला था, बल्कि उनकी टीम के लिए भी प्रेरणादायक साबित हुआ।
दलीप ट्रॉफी, जो भारत के घरेलू क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है, युवा प्रतिभाओं को अपनी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक शानदार मंच प्रदान करती है। वैभव ने पूर्वी क्षेत्र के उपकप्तान के रूप में अपनी नेतृत्व क्षमता का भी परिचय दिया। टीम के कप्तान और अनुभवी विकेटकीपर ईशान किशन ने वैभव की गेंदों पर चुस्त विकेटकीपिंग का प्रदर्शन करते हुए लेमतूर का कैच लपका, जो टीम वर्क का एक बेहतरीन उदाहरण था। यह घटना दर्शाती है कि कैसे एक युवा खिलाड़ी, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ मिलकर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
हालांकि, वैभव सूर्यवंशी का दिन बल्लेबाजी के लिहाज से उतना सफल नहीं रहा था। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े छक्कों के लिए मशहूर यह युवा खिलाड़ी, इस मुकाबले में सिर्फ छह गेंदों का सामना कर आठ रन ही बना सका और पवेलियन लौट गया। उन्होंने अपने इन आठ रनों में दो शानदार चौके जरूर लगाए थे, लेकिन उनकी बल्लेबाजी पारी उम्मीदों के मुताबिक नहीं थी। यह एक अजीबोगरीब स्थिति थी जहां एक ओर उनका बल्ला शांत रहा, वहीं दूसरी ओर उनकी गेंद ने कहर बरपाया। यह विरोधाभास उनके प्रदर्शन को और भी यादगार बना देता है।


